728 x 90

एक इन्दोरी ने खोजा एक और इंदौर , वो भी अमेरिका में ….गज़ब कहानी इंदौरवाले की जुबानी

एक इन्दोरी ने खोजा एक और इंदौर , वो भी अमेरिका में ….गज़ब कहानी इंदौरवाले की जुबानी
तिरिभिन्नाट

इनका नाम है  मितेश बोहरा , ठेठ इंदौरी …भिया अमेरिका में रहते हैं,  …. अब इनको  भोत याद आती है इंदौर की , क्या करें तो भिया मितेश बोहरा अपनी पत्नी मतलब हमारी भाभी प्रियंका और दोनो छोरे-छोरी  प्रिशा और प्रियांश के साथ केलिफ़ोर्निया से न्यूयॉर्क की 7000 किमी. की सड़क यात्रा पर निकले ।

एक देसी इन्दोरी पहुंचा इस विदेशी इंदौर में ….

प्राण जाए पर सेंव-परमल ना जाये

ये भिया जो सेंव ने परमल का डिब्बा लेके बेठे हे नी , इनको कोई मामूली मत समझना , बतऊँ क्या ? कोन हे ये?  ये भिया प्रेसिडेंट हें ओर को-फाउंडर – “इन्फोबींस” के ( मतलब अपने अविनाश भिया और सिद्धार्थ भिया के पार्टनर) हलके में तो लेना ही मत ….

अब गज़ब की बात ये के उनको मिल गया एक और इंदौर , अरे हाँ भिया , स्पेलिंग भी  INDORE ओर बोलो …… हमारे रिकार्ड के मुताबिक़ मितेश बोहरा और परिवार पहले इन्दोरी परिवार हैं जो वेस्ट वर्जीनीया के इंदौर पहुंचे हैं और जिन्होंने वहाँ पे लोगों से बातचीत की , उन्हें इंदौर मालवा के बारे में बताया और सेंव-परमल पार्टी दी  ….

 

Indore in USA मितेश, प्रियंका, प्रियांश, प्रिशा

रास्ते में उन्हें अपने शहर इंदौर की बहुत याद आयी…अब चूँकि वो अपने इंडिया वाले इंदौर तो जा नहीं सकते थे, तो भिया पहुँच गए इंदौर नाम के  शहर में  जो वेस्ट वर्जिन्या में है,  और फिर क्या , ये गए और वो पोंचे ….. ये वो चारों जने इंदौर of West Virginia.

 

 

 

ये वाला इंदौर, एक बहुत ही छोटा लेकिन सुंदर शहर है. बस 800 जने रेनेवाले ,  ने  वहाँ पे एक चर्च, ने एक पोस्ट ऑफ़िस ने  एक रेस्टोरेन्ट है|

सबसे पहले वो वहाँ के इंदोरियों से मिले और उनको सेव परमल खिलाए और उन लोगों के साथ ढेर सारी पंचायती की. पता चला उस कपल की शादी एक हफ़्ते पहले ही हुई थी वो भी केलिफ़ोर्निया में. वो कहावत है ना दुनिया बहुत छोटी है…बिलकुल सच है।

अमेरिका का इंदौर सुंदर सी पहाड़ियों के बीच घनी हरियाली में बसा है। लोग या तो पहाड़ पर रहते हैं या बीच में गुज़रती नदी के किनारे। ज़्यादातर लोग वहाँ की कोयला खदान में काम करते हैं।

अमेरिका के इंदौर और इंडिया के इंदौर में कुछ समानता नहीं है लेकिन फिर भी मितेश और उनके परिवार को लगा जैसे अपने घर आ गए हैं।

प्रियंका कहती हैं की “कई बार सिर्फ़ नाम में ही कुछ कशिश होती है। इन भावनाओं को शब्दों में कह पाना बहुत मुश्किल है।” 

मितेश भिया ने उन इन्दोरियों को मालवा के इंदौर का नेशनल फ़ूड “सेंव -परमल भी खिलवा दिए ”  

जिस तरह इंदौर के बच्चे अपने माँ बाप का नाम रोशन करते हैं बिलकुल वैसे ही अमेरिका के इंदौर का बेटा JC Gould भी सारे बड़े शहर के ऐशो आराम छोड़ कर अपने माँ बाप के साथ रहने आ गया। उसकी कहानी सुन के बहुत अच्छा लगा।

 

…भिया का सम्मान किया जाएगा प्रथम नगर आगमन पे ओह! इंदौर की टीम द्वारा …

ये है एक सच्चे इन्दोरी की कहानी …अब बोलो मज्जा आया कि नी भिया ….. भिया आगे भी और लिख के भेजेंगे ऐसी आशा है उनके इन्दोरी मित्रमंडल को ….

– समीर शर्मा | ohindore@gmail.com

Sameerr Sharma
ADMINISTRATOR
PROFILE

Posts Carousel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts

Top Authors

Most Commented

Featured Videos

Follow Us