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फैबइंडिया की धोखाधड़ी – खादी बेचने का अधिकार नहीं , खादी के नाम पर कॉटन बेचती है यह विदेशी कंपनी …

समीर शर्मा | इंदौर 

खादी मार्क के नियमों का उल्लंघन

खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने फैबइंडिया को भेजा नोटिस 

पिछले दिनों खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने डायरी कैलेंडर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल से विवाद खड़ा कर दिया था. दलील खादी के विकास को बढ़ावा देने की थी. लेकिन अब आयोग ने फैब इंडिया को नोटिस भेज दिया है- दावा ये है कि वो नाजायज़ तौर पर खादी बेच रहा है, और बाद में पता चला कि वो खादी के नाम पर कॉटन बेच रहा है | धोखा और उसमे में धोखा ?

 

देश की एक बड़ी वस्त्र निर्माता कपनी फैब इंडिया को खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने कानूनी नोटिस भेजा है। फैब इंडिया पर आरोप है कि वह सूती कपड़ों को खादी मार्क लगाकर बेच रहा है। जबकि कंपनी के पास इसकी अनुमति नही है।  

 

क्या है धोखाधड़ी फैब इंडिया की ?

  • फैबइंडिया द्वारा खादी उत्पाद के रूप में बेचे गए कपड़ों और इनकी कीमतों की गंभीरता से जांच करने के बाद पता चला कि फैबइंडिया ने इन कपड़ों को ‘फैबइंडिया कॉटन’ का लेबल लगा रखा है।
  • नोटिस में कहा गया है, ‘कपड़ों के प्राइस टैग पर खादी शब्द लिखा हुआ है। इससे खुद ही पता चलता है कि फैबइंडिया खादी प्रॉडक्ट्स नहीं बेच रहा, बल्कि बाद में हटाए जा सकने वाले प्राइस टैग पर खादी शब्द लिखकर ग्राहकों को गुमराह कर रहा है।’ 

क्या आपको पता है कि भारत की कंपनी नहीं है फैब इंडिया ?

अमेरिका के फोर्ट फाउंडेशन से भारत आए जॉन बीसेल को भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज, यहां की कारीगरी ने अपनी ओर खींचा। भारत के रंग यहां की हाथ कारीगरी जॉन बीसेल को इस कदर भायी की उन्होंने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में एक छोटी सी होम फर्निशिंग एक्सपोर्ट कंपनी खोली और फिर धीरे-धीरे इस कंपनी की लोकप्रियता बढ़ती गई। 

१५ दिन की मोहलत मिली है …

इकनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार नोटिस में आयोग ने फैबइंडिया को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर कंपनी इस अवधि में अपना पक्ष नहीं रख पायी तो खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) खादी मार्क रेग्युलेशन के उल्लंघन के लिए आगे की कार्रवाई करेगा। 

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

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