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सिटी ब्लॉगर्स

इंदौर का ईराक , उसके सद्दाम और धाँसू बमबारी ..जी हाँ इंदौर राईटर्स क्लब

समीर शर्मा | इंदौर | इंडियन कॉफ़ी हाउस इंदौर में इराक?  …कॉफ़ी हाउस में हर ईतवार जमता हिंदी साहित्य और अनुभव का मजमा … जी हाँ और इस  इराक में बांटती है खुशियाँ , लगते हैं कहकहे , कही और सुनी जाती  है कविता , कहा जाता है व्यंग , किस्सागोई …

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इन्दोरी भिया की मेराथान कथा – इन्दोरी बोल में भिया की बात – संजय पटेल की कलम से

  इन्दोरी भिया की मेराथान   भिया यूं तो सूरजवंशी हैं यानी सूरजदेव के अगाध श्रध्दा रखते हैं और उनके प्रकट हो जाने के बाद ही बिस्तर छोड़ते हैं लेकिन इंदौर मेराथान की हवा चलते ही भिया ने घनघोर निच्चय कर लिया कि हम भी दौड़ेंगे। मंडली को ताकीद किया …

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एक इन्दोरी के नए साल के संकल्प – अभय बर्वे

  भिया हर साल जैसे इस बार भी नया वर्ष आ रिया है, इसलिए मजबूरन मेरेको भी नए वर्ष के संकल्प करना पड़ रिये है, इसमें कुछ संकल्प पिछले साल से लगत में चलते रेंगे ( गतांक से अग्गे टाइप )   १) पिछले साल का रेझल ( रेझर का …

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एबले की डायरी – केसलेस इन्दोरी की परेसानियाँ

  गुल्लू उर्फ़ भुवन मेहता ने आज सुबह सुबह यह व्हाट्स एप पर भेजा और इसे आपके साथ शेयर करना बनता है | किसी इन्दोरी “भेजे” ने पूरे मन से अपनी मालवी और इन्दोरी रचनात्मकता इस लेख में डाली है , इनका नाम तो पता नहीं पर जब भी मिलेंगे …

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हाथ से बुना स्वेटर , एक याद , एक अहसास – एक प्यार से भरी हुई गर्माहट – लिटिल रेड बॉक्स से

  प्यारे हाथ से बने स्वेटर, तुम्हारा नाम लेते ही भरी सर्दी में भी एक प्यार भरी गर्माहट दिल पर छा जाती है. मानता हूँ, दिन भर मॉल से खरीदा ऊँचे ब्रांड का महंगा स्वेटर पहने घूमता हूँ. उसकी चमक लाजवाब है, फिनिशिंग कमाल की और डिजाइन भी मॉडर्न. पर …

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माँ की लोरी – हर एक के बचपन का सबसे सुनहरा क्षण …

चंदामामा दूर के,  पुए पकाये गूड़ के   …..आई न याद …ये है आपकी ज़िन्दगी की सबसे पहली म्यूजिकल  प्लेलिस्ट जो आप कभी नहीं भूलेंगे ….लोरियां  लोरी , जब भी आप यह “जादुई” शब्द सुनेंगे तो ये हीओ नहीं सकता की आप अपने बचपन में ना चले जाएँ ,या अपने बच्चों …

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अखबार का प्रथम-पृष्ठ – फ्रंट पेज – प्रदीप शर्मा की टिप्पणी आज के अखबारों पर

अभी- अभी  प्रदीप शर्मा जी का कॉलम …  नमस्कार ! विजयादशमी की शुभकामनायें। अखबार पत्रकारिता का एक प्रमुख अंग है । प्रमुखतः यह समाचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है । जन-भावना को  प्रकट करने और समाज में जागरूकता लाने का काम भी अखबार बखूबी करते आए हैं । व्यवस्था,प्रशासन और सरकार …

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याद हैं ना ये टिफिन बॉक्स – बचपन का सबसे कीमती सामान और ना भूलने वाली याद

हमारे टिफिन की कहानी और यादें  हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स एक बार फिर से आपकोअपनी मीठी यादों में ले जाने को तैयार है , तो चलें  इस बार अपने स्कूल के टिफ़िन के मेनू की यादों में … एक खन या दो खन का जर्मन / अलुमिनियम डब्बा …

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अभी – अभी – आज के हालात पर प्रदीप शर्मा जी का एक नोट …

  अभी- अभी      परिस्थितियां इंसान को कमज़ोर बना देती हैं और परिस्थितियां ही उसे महान भी बना देती हैं । खराब हाव्लात में भी इंसान को लड़ते देखा गया है और अच्छे हालात में भी समर्पण करते देखा गया है । सन् 47 के पहले सभी गुलाम पैदा हुए और 47 के बाद …

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“ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज” हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स की एक और प्रस्तुति

हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स एक बार और आपको अपनी मीठी यादों में ले जाने को तैयार है , तो चलें  इस बार अपने बजाज पर सैर करने ..यादों की …:)   प्यारी बजाज स्कूटर, ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज! तुम्हारा नाम पढ़ते ही कौन ऐसा …

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छोटी-छोटी बातें – Friendship Day Special article by Praveen Gargav

छोटी-छोटी बातें    दोस्तों में तो अधिकतर छोटी-छोटी बातें ही घटती हैं परन्तु  तब  अहसास ही नहीं होता कि पूरी उम्र उनकी यादें साथ-साथ चलेंगीं। छोटी मामूली बातों से कभी-कभी जीवन बदल जाता है, सोच बदल जाती है, प्रेरणा मिल जाती है। अगर कुछ परिवर्तन घटित होना है, जिसकी तैयारी …

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क्या आप अपने दोस्तों और अपनों के लिए एक सेफ्टी वॉल्व हैं ?

क्या आप अपने दोस्तों और अपनों के लिए एक सेफ्टी वॉल्व हैं ? कोई बात बिगड़ जाए कोई मुश्किल पड़ जाए..  कभी कोई ऐसी बात या घटना हो जाती है, जिससे व्यक्ति बहुत निराश हो जाता है। यह उसके जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण होते हैं। वो किसी अपने के …

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प्यारे स्कूल के पहले दिन – A Letter from your Childhood by Littleredbox.in

  प्यारे स्कूल के पहले दिन…   . जैसे-जैसे गर्मी की छुट्टियाँ खत्म होने लगती तुम्हारा टेंशन सताने लगता था. यूँ लगता था कि मानो जिससे पुराना उधार लिया हो, वह वापिस वसूल करने आने वाला हो. फिर वही पढ़ाई, किताबें, होमवर्क, क्लास टेस्ट, रिज़ल्ट…मन में आता काश ये छुट्टियाँ …

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गर्मी की छुट्टियाँ ० लिटिलरेड बॉक्स से एक और पेशकश , यादों का पत्र

यादों का पत्र…     प्यारी गर्मी की छुट्टियों, तुम कहाँ चली गईं…और अपने साथ कितना कुछ ले गईं. वो नानी के घर जाना, दिन भर उधम मचाना, तपती धूप में शैतानियाँ, वो कॉमिक्स पढ़ना और उनकी लाइब्रेरी चलाना, फ्रीज में दूध-पानी की आइसक्रीम जमाना, वो ताश की बाज़ियाँ और …

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प्यारी ऑडियो कैसेट – यादों का पत्र littleredbox.in से

प्यारी ऑडियो कैसेट, तुमसे हमारी कितनी सारी म्यूज़िकल यादें जुड़ी हुई हैं. टेप में खुद उल्टा लगकर सीधे, सच्चे गीत सुनाती थीं तुम!   नई फिल्म रिलीज़ हुई नहीं कि उसकी कैसेट खरीदने की होड़ लग जाती थी. ड्राइंग रूम की अलमारी या रैक में कैसेट कवर, एक के ऊपर …

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error: नी भिया कापी नी करने का ...गलत बात