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हिंदी साहित्य

इंदौर का ईराक , उसके सद्दाम और धाँसू बमबारी ..जी हाँ इंदौर राईटर्स क्लब

समीर शर्मा | इंदौर | इंडियन कॉफ़ी हाउस इंदौर में इराक?  …कॉफ़ी हाउस में हर ईतवार जमता हिंदी साहित्य और अनुभव का मजमा … जी हाँ और इस  इराक में बांटती है खुशियाँ , लगते हैं कहकहे , कही और सुनी जाती  है कविता , कहा जाता है व्यंग , किस्सागोई …

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नहीं रहा “वर्दी वाला गुंडा” : विश्व के सबसे प्रसिद्द उपन्यास के लेखक वेदप्रकाश शर्मा नहीं रहे …

लेख संकलन : समीर शर्मा | इंदौर वेदप्रकाश शर्मा : स्मृति शेष   इस बात पर बहस हो सकती है कि लेखक जन्मजात होते हैं या नहीं पर इतना तय है कि कुछ लोग लिखने के लिए ही पैदा होते हैं और पाठकों का मिजाज जानने की वजह से वे …

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आज १० जनवरी को है विश्व हिंदी दिवस : हमारी हिंदी हुई अंतर्रारष्ट्रीय …

समीर शर्मा  | इंदौर | विश्व हिंदी दिवस  आज हमारी प्यारी भाषा हिंदी के लिए गौरव का दिवस है, क्यूँकि आज विश्व हिंदी दिवस है …   भारत में लगभग ६५ करोड़ से अधिक लोग हिंदी  प्रथम भाषा के रूप में बोलते हैं  और १८ करोड़ लोग द्वितीय भाषा के …

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इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल – १६ से १८ दिसंबर , साहित्य का कुम्भ

समीर शर्मा | ओह इंदौर.कॉम | १५-१२-२०१६ | इंदौर तीन दिनी इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल आह्वान 16 दिसंबर से शुरू होगा।    16 दिसंबर को सुबह 10 बजे होटल फॉर्च्यून लैंडमार्क में इसका उद्घाटन नृत्यांगना रागिनी मख्खर और साथियों  के इन्क्रेडिबल इंडिया डांस से होगा। 18 दिसंबर तक चलने वाले इस …

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हाथ से बुना स्वेटर , एक याद , एक अहसास – एक प्यार से भरी हुई गर्माहट – लिटिल रेड बॉक्स से

  प्यारे हाथ से बने स्वेटर, तुम्हारा नाम लेते ही भरी सर्दी में भी एक प्यार भरी गर्माहट दिल पर छा जाती है. मानता हूँ, दिन भर मॉल से खरीदा ऊँचे ब्रांड का महंगा स्वेटर पहने घूमता हूँ. उसकी चमक लाजवाब है, फिनिशिंग कमाल की और डिजाइन भी मॉडर्न. पर …

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माँ की लोरी – हर एक के बचपन का सबसे सुनहरा क्षण …

चंदामामा दूर के,  पुए पकाये गूड़ के   …..आई न याद …ये है आपकी ज़िन्दगी की सबसे पहली म्यूजिकल  प्लेलिस्ट जो आप कभी नहीं भूलेंगे ….लोरियां  लोरी , जब भी आप यह “जादुई” शब्द सुनेंगे तो ये हीओ नहीं सकता की आप अपने बचपन में ना चले जाएँ ,या अपने बच्चों …

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अखबार का प्रथम-पृष्ठ – फ्रंट पेज – प्रदीप शर्मा की टिप्पणी आज के अखबारों पर

अभी- अभी  प्रदीप शर्मा जी का कॉलम …  नमस्कार ! विजयादशमी की शुभकामनायें। अखबार पत्रकारिता का एक प्रमुख अंग है । प्रमुखतः यह समाचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है । जन-भावना को  प्रकट करने और समाज में जागरूकता लाने का काम भी अखबार बखूबी करते आए हैं । व्यवस्था,प्रशासन और सरकार …

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याद हैं ना ये टिफिन बॉक्स – बचपन का सबसे कीमती सामान और ना भूलने वाली याद

हमारे टिफिन की कहानी और यादें  हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स एक बार फिर से आपकोअपनी मीठी यादों में ले जाने को तैयार है , तो चलें  इस बार अपने स्कूल के टिफ़िन के मेनू की यादों में … एक खन या दो खन का जर्मन / अलुमिनियम डब्बा …

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अभी – अभी – आज के हालात पर प्रदीप शर्मा जी का एक नोट …

  अभी- अभी      परिस्थितियां इंसान को कमज़ोर बना देती हैं और परिस्थितियां ही उसे महान भी बना देती हैं । खराब हाव्लात में भी इंसान को लड़ते देखा गया है और अच्छे हालात में भी समर्पण करते देखा गया है । सन् 47 के पहले सभी गुलाम पैदा हुए और 47 के बाद …

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“ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज” हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स की एक और प्रस्तुति

हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स एक बार और आपको अपनी मीठी यादों में ले जाने को तैयार है , तो चलें  इस बार अपने बजाज पर सैर करने ..यादों की …:)   प्यारी बजाज स्कूटर, ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज! तुम्हारा नाम पढ़ते ही कौन ऐसा …

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छोटी-छोटी बातें – Friendship Day Special article by Praveen Gargav

छोटी-छोटी बातें    दोस्तों में तो अधिकतर छोटी-छोटी बातें ही घटती हैं परन्तु  तब  अहसास ही नहीं होता कि पूरी उम्र उनकी यादें साथ-साथ चलेंगीं। छोटी मामूली बातों से कभी-कभी जीवन बदल जाता है, सोच बदल जाती है, प्रेरणा मिल जाती है। अगर कुछ परिवर्तन घटित होना है, जिसकी तैयारी …

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प्यारे स्कूल के पहले दिन – A Letter from your Childhood by Littleredbox.in

  प्यारे स्कूल के पहले दिन…   . जैसे-जैसे गर्मी की छुट्टियाँ खत्म होने लगती तुम्हारा टेंशन सताने लगता था. यूँ लगता था कि मानो जिससे पुराना उधार लिया हो, वह वापिस वसूल करने आने वाला हो. फिर वही पढ़ाई, किताबें, होमवर्क, क्लास टेस्ट, रिज़ल्ट…मन में आता काश ये छुट्टियाँ …

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गर्मी की छुट्टियाँ ० लिटिलरेड बॉक्स से एक और पेशकश , यादों का पत्र

यादों का पत्र…     प्यारी गर्मी की छुट्टियों, तुम कहाँ चली गईं…और अपने साथ कितना कुछ ले गईं. वो नानी के घर जाना, दिन भर उधम मचाना, तपती धूप में शैतानियाँ, वो कॉमिक्स पढ़ना और उनकी लाइब्रेरी चलाना, फ्रीज में दूध-पानी की आइसक्रीम जमाना, वो ताश की बाज़ियाँ और …

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प्यारी ऑडियो कैसेट – यादों का पत्र littleredbox.in से

प्यारी ऑडियो कैसेट, तुमसे हमारी कितनी सारी म्यूज़िकल यादें जुड़ी हुई हैं. टेप में खुद उल्टा लगकर सीधे, सच्चे गीत सुनाती थीं तुम!   नई फिल्म रिलीज़ हुई नहीं कि उसकी कैसेट खरीदने की होड़ लग जाती थी. ड्राइंग रूम की अलमारी या रैक में कैसेट कवर, एक के ऊपर …

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error: नी भिया कापी नी करने का ...गलत बात