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एक बहन ने दिया राखी का तोहफा देश के भाइयों को – साक्षी मलिक को मिला ओलम्पिक मैडल

भारत की साक्षी ने दिलाया 125 करोड़ वाले देश को पहला मैडल 

भारतीय प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका मिल गया है. 58 किलोवर्ग में महिला पहलवान साक्षी मलिक ने किर्गिस्तान की ऐसुलू ताइनीबेकोवा को 8-5 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता.

पहले पीरियड में 5-0 से पिछड़ने के बाद साक्षी ने दूसरे पीरियड में 8 अंक बनाए और भारत को रियो ओलंपिक का पहला पदक दिलाया. भारतीय इतिहास में पहली बार किसी महिला पहलवान ने ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीता है.

साक्षी ने किर्गिजस्तान की पहलवान के सामने जबरदस्त खेल दिखाकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया. पहले राउंड में वो किर्गिस्‍तान की पहलवान एसुलू तिनिवेकोवा से 0-5 से हार गईं थीं. दूसरे राउंड की शुरुआत में पिछड़ने के बाद साक्षी ने जबरदस्त वापसी की और 8-5 से दूसरा सेट जीतकर मुकाबला बराबर किया, और देश को कांस्‍य पदक दिलाकर भारत का रियो ओलंपिक में खाता खुलवाया.

 

कैसे मिला साक्षी को ब्रॉन्ज मेडल ?
साक्षी के लिए इस मेडल को हासिल करने की राह किसी भी लिहाज से आसान नहीं थी. उन्होंने पहले क्वालिफिकेशन राउंड में स्वीडन की पहलवान मलिन जोहान्ना मैटसन को 5-4 से हराया. राउंड ऑफ 16 में साक्षी ने मॉल्डोवा की मारियाना चेरडिवारा-एसानू 3-1 से हराया. इसके बाद प्रीक्वार्टर मुकाबले में उन्होंने तकनीकी अंकों के आधार पर मारियाना चेरदिवारा को हराया. दोनों के 5-5 प्वाइंट थे, लेकिन लगाता चार अंक अर्जित करने के कारण साक्षी को विजेता घोषित किया गया. इसके बाद क्वार्टर फाइनल में साक्षी को रूस की वेलेरिया कोबलोवा ने एकतरफा मुकाबले में साक्षी को 9-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी. जिसके बाद उन्हें गोल्ड और सिल्वर मेडल की दौड़ से बाहर होना पड़ा. फिर उन्हें रेपचेज मुकाबला खेलने का मौका मिला.

 

जब खुशी से झूम उठा साक्षी का परिवार
साक्षी की इस कामयाबी पर उनके घर में खुशी का माहौल है. उनके परिवार वालों ने पूरा मुकाबला देखा, जैसे ही साक्षी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता उनके घर वाले नाचने-गाने लगे. साक्षी की मां ने कहा कि भारत की बेटी ने देश में ओलंपिक पदक के सूखे को खत्म कर दिया है.

 

Indore Ka Raja - Ganeshotsav

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Founder and Editor, www.ohindore.com