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अब वकीलों का भी रजिस्ट्रेशन होगा – १५ मार्च तक प्रक्रिया

एमपी स्टेट बार कौंसिल ने सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश का तेजी से पालन सुनिश्चित करते हुए राज्य के वकीलों के वेरीफिकेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। आईटी एजेंसी एमपी ऑनलाइन को फॉर्म भरने अधिकृत किया गया है।

इंदौर के सभी वकीलों को करवाना होगा पंजीकरण,  कौंसिल ऑफ इंडिया के सर्टिफिकेट ऑफ प्लेस एंड प्रेक्टिस वेरीफिकेशन नियम-2015 के तहत लिए जाने वाले आवेदन-प्रपत्र अब 15 मार्च 2016 तक एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इस हेतु निर्धारित शुल्क 300 से घटाकर 100 रुपए कर दिया गया है। 50 रुपए एमपी ऑनलाइन को अलग से सुविधा शुल्क के रूप में देना होंगे |

स्टेट बार सदस्य व प्रवक्ता एडवोकेट राधेलाल गुप्ता ने बताया कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अनाधिकृत वकीलों की छंटनी कर दी जाएगी। इस आदेश का संबंध मध्यप्रदेश के साथ-साथ देश के सभी बार कौंसिल से है।

इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी और लालची वकीलों पर अंकुश लगेगा , साथ ही सिर्फ वे ही कार्य कर पायेंगे  जो सभी नियम-निर्देशों की कसौटी पर खरे उतरते हैं।

वकीलों को एमपी ऑनलाइन के कियोस्क सेंटर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इस दौरान पिछले 5 वर्ष के 5 प्रकरणों के वकालतनामे, ऑर्डरशीट की प्रति, मेमो ऑफ एक्सपीरियंस, कॉजलिस्ट की प्रति के अलावा ऐसे संबंधित दस्तावेज संलग्न करने होंगे, जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि वकील विगत 5 वर्षों से विधि व्यवसाय में अनवरत रूप से कार्यरत है। इसके अलावा अधिवक्ता संघ की सदस्यता संबंधी प्रमाण-पत्र जो कि फॉर्म एएफ के कॉलम-3 में दर्शित है, भरना होगा।

इसे अधिवक्ता संघ से अभिप्रमाणित व स्कैन कराने की भी कराने की शर्त लागू की गई है। प्रमाण-पत्र का प्रारूप अधिवक्ता संघ या स्टेट बार की वेबसाइट पर मुहैया होगी। जिन दस्तावेजों को ऑनलाइन संलग्न किया जाएगा, उनकी मूल प्रतियां संबंधित अधिवक्ता संघ को स्टेट बार भेजनी होंगी। जब मूल प्रतियां मिल जाएंगी, तभी ऑनलाइन फॉर्म स्वीकृत माना जाएगा। जिन वकीलों के पास घर पर सुविधा है, वे वहीं से एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

एमपी स्टेट बार कौंसिल ने सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश का तेजी से पालन सुनिश्चित करते हुए राज्य के वकीलों के वेरीफिकेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। आईटी एजेंसी एमपी ऑनलाइन को फॉर्म भरने अधिकृत किया गया है। इंदौर के सभी वकीलों को करवाना होगा पंजीकरण,  कौंसिल ऑफ इंडिया के सर्टिफिकेट ऑफ प्लेस एंड प्रेक्टिस वेरीफिकेशन नियम-2015 के तहत लिए जाने वाले आवेदन-प्रपत्र अब 15 मार्च 2016 तक एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इस हेतु निर्धारित शुल्क 300 से घटाकर 100 रुपए कर दिया गया है। 50 रुपए एमपी ऑनलाइन को अलग से सुविधा शुल्क…

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