Breaking News
Home / Events / रक्षाबंधन पर प्रसून जोशी की कविता

रक्षाबंधन पर प्रसून जोशी की कविता

Happy-Raksha-Bandhan

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

बहन अक्सर तुमसे बड़ी होती है ,

उम्र में चाहे छोटी हो ,
पर एक बड़ा सा एहसास लेकर खड़ी होती है |

बहन अक्सर तुमसे बड़ी होती है ,
उसे मालूम होता है तुम देर रात लौटोगे ,
तभी चुपकेसे से दरवाज़ा खुला छोड़ देती है ,
उसे पता होता है की तुम झूट बोल रहे हो ,
और बस मुस्कुरा कर उसे ढक देतीहै |

वो तुमसे लड़ती है पर लड़ती नहीं ,
वो अक्सर हार कर जीतती रही तुमसे |

जिससे कभी चोट नहीं लगती ऐसी एक छड़ी है 

पर राखी के दिन जब
एक पतला सा धागा
बांधती है कलाई पे ,
मैं कोशिश करता हूँ बड़ा होने की ,
धागों के इसरार पर ही सही ,
कुछ पल के लिए मैं बड़ा होता हूँ ,
एक मीठा सा रिश्ता निभाने के लिए खड़ा होता हूँ ,
नहीं तो अक्सर बहन ही तुमसे बड़ी होती है ,
उम्र में चाहे छोटी हो, पर एक बड़ा सा एहसास लेकर खड़ी होती है |

  • प्रसून जोशी 
Indore Ka Raja - Ganeshotsav

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com