Breaking News
Home / Education / इंदौर की “सेंट्रल लाईब्रेरी”, ७५,००० से ज्यादा पुस्तकों, होलकर कालीन मानचित्रों, दस्तावेजों का अनुठा संग्रह

इंदौर की “सेंट्रल लाईब्रेरी”, ७५,००० से ज्यादा पुस्तकों, होलकर कालीन मानचित्रों, दस्तावेजों का अनुठा संग्रह

“देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय” 

इंदौर, अपना शहर , जाना जाता है इसके लोगों , संस्कृति और व्यवहार के लिए …कला संस्कृति के लिए , बिना ज्ञान इन सब बातों को किसी शहर की जीवनचर्या, व्यवहार और संस्कृति में पाना असंभव है | 

ज्ञान अर्जन में पुतकों का महत्व बताने की आवश्यकता नहीं है| इस दशक की ( इन्टरनेट / इन्फोर्मेशन) सूचना क्रान्ति के पूर्व मात्र पुस्तकें, पत्रिकाएं और समाचार पत्र  ही एक बड़ा माध्यम थे ज्ञान, सूचना और जानकारी के लिए….

टेबलेट्स, आइपैड्स और किंडल जैसी ईबुक्स रीडर के इस दौर में ओहइंदौर के माध्यम से,  आज एक लाईब्रेरी की बात करेंगे , इस संस्थान जिसे सेंट्रल लाईब्रेरी कहा जाता है, की जानकारी पहुंचाते हुए, मुझे हर्ष हो रहा है |  

हर एक शहर वासी को यह जानना आवश्यक है की उनके इंदौर के ह्रदयस्थल, एम जी रोड पर रीगल चौराहे  पर एक ऐसा संस्थान है जो ७५,००० से भी अधिक  पुस्तकों की एक ऐसी अद्भुत संग्रह स्थली है जिसमे हिंदी, अंग्रेज़ी, मराठी , गुजराती, अरबी और भी कई क्षेत्रीय भाषाओं का साहित्य हैं जो इन्टरनेट पर उपलब्द्ध  नहीं है | 

 

IMG_3136
पुस्तकों का व्यवस्थित संग्रह – स्टाफ की कुशल मेहनत का परिणाम

 

IMG_3144

 

आज सैकड़ों लोग , सदस्य और छात्र यहाँ पर ज्ञानार्जन के लिए आते हैं और विभिन्न विषयों पर उपलब्द्ध साहित्य और विज्ञान आधारित पुस्तकों, समाचार पत्रों, पत्रिकाओं रेफेरेंस बुक्स  का अध्ययन करते हैं | 

हिंदी की पुस्तकों का तो एक वृहद् संग्रह यहं मौजूद है जो किसी भी हिंदी पुस्तक प्रेमी के लिए सागर के सामान है | अंग्रेज़ी पुस्तके भी कम नहीं | आशा है इस लेख को पढने के बाद आप इस लाइब्रेरी को देखने और जानने अवश्य जायेंगे | यहाँ का प्रबंधन आपका स्वागत और मार्गदर्शन अवश्य करेगा | 

 

इतिहास :

वर्तमान शासकीय श्री अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय, रीगल चौराहा, एम.जी.रोड़, इन्दौर की स्थापना श्रीमंत महाराजा यशवंतराव होल्कर न्यास द्वारा देय सहयोग निधि रू. १,५०,०००/- से १९.११.१९६१ को हुई ।

वर्तमान पुस्तकालय भवन का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में वर्ष १९०० के पूर्व हुआ था।

यह सफेद कोठी के नाम से जानी जाती है।

सफेद कोठी में अंग्रेज शासन काल में एक अंग्रेज अधिकारी मिस्टर हार्टन रहा करते थे। यह उनका निवास स्थान था | बाद में श्री युधिष्ठर भार्गव, तत्कालीन संभाग आयुक्त एवं श्री बृजेन्द्र कुमार जोशी,, तत्कालीन उप संचालक शिक्षा के अथक प्रयासों से माननीय हुमायूॅ कबीर, तत्कालीन केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, डॉ. कैलाशनाथ काटजू, तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं डॉ. शंकर दयाल शर्मा, तत्कालीन शिक्षा मंत्री के कर कमलों से पुस्तकालय उद्घाटित हुआ।

पुस्तकालय की स्थापना के पूर्व श्री विनोबा भावे अपने एक माह के प्रवास में इसी भवन में ठहरे थे।

 

लाईब्रेरी की अधोसंरचना , सुविधाएं, सदस्यता और व्यवस्था :

देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय, विशेष अध्ययन कक्ष, फ्री समाचार पत्र- पत्रिका डेस्क, ई-लाईब्रेरी, हिंदी साहित्य गतिविधि कक्ष, प्रीतम लाल दुआ सभाग्रह, आर्ट गैलेरी , विशाल नि:शुल्क पार्किंग, बागीचे , पानी की सुविधा और भी कई सुविधाएं यहाँ पर उपलब्द्ध हैं इंदौर के बाशिंदों के लिए … 

 

भारतीय संस्कृति के इस महान अध्येता के आवास स्थल पर एक सम्पन्न पुस्तकालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय संयोग है। 

वर्तमान में पदस्थ इसके व्यवस्थापक हैं, श्री जी. डी. अग्रवाल, स्वभाव से पुस्तक प्रेमी और कठोर अनुशासन के हिमायती और उसका अनुपालन करने में सक्षम …

IMG_3121

श्री अग्रवाल बताते हैं कि “पुस्तकालय के संचालन हेतु शासन के द्वारा गठित एक दस सदस्यीय परामर्शदात्री समिति है। जो इस प्रकार है : 

Divisional Commissioner सम्भाग आयुक्त 
Chairman
District Collector जिलाधिकारी / जिलाधीश 
Vice Chairman
DEO/JD – Education जिला शिक्षा अधिकारी 
Member
S. E. (PWD) पी डब्ल्यू डी के सुपरीटेडेन्ट इंजीनीयर 
Member
Shri KK Asthana सदस्य 
Member
Shri Atul Seth सदस्य 
Member
Smt. Snehlata Upadhyay सदस्य 
Member
Shri Shankar Lalwani सदस्य 
Member
Regional Librarian क्षेत्रीय ग्रंथपाल 
Member
Secretary

 

सदस्यता :

इस पुस्तकालय की सदस्यता पाने के लिए जिसके बाद आप उन दुर्लभ ७५,०००  से अधिक पुस्तकों का अध्ययन कर पाएंगे, वो भी बहुत ही कम खर्च में …

मात्र ५०५ रु में आप इसके आजीवन सदस्य बन सकते हैं , जो आपको ज्ञान और सूचना , साहित्य के सागर में विचरण का उन्मुक्त अनुभव् देगी अत: शासन की इस अत्यंत कम खर्च वाली इस सुविधा का लाभ जो की अमूल्य है लेना चाहिए ही ...(यह राशि एक फैमिली पिज़्ज़ा की कीमत से भी कम है |) 


रिसेप्शन पर नि :शुल्क उपलब्द्ध फॉर्म भरकर, आप यहाँ सदस्य बन सकते हैं |

 

IMG_3126

 

नियमवाली : 

  • १४ वर्ष से अधिक आयु वाले नागरिक इसके सदस्य बन सकते हैं |
  • समय ११ से ६ बजे तक रोज़ाना, सोमवार अवकाश है |  
  • फॉर्म जो की १२ से ६ बजे तक निशुल्क उपलब्द्ध हैं उसके साथ ३ पासपोर्ट साइज़ के फोटोग्राफ्स, आवास प्रमाणपत्र, पहचान पत्र की कॉपी लेकर आयें |
  • शुल्क ५०५ रु , जो की सदस्यता वापसी पर या समाप्त होने पर ५५/- रु काटकर वापसी योग्य है|
  • इस सदस्यता में कुल ४०० रु मूल्य की २ पुस्तकें आप १५ दिनों के लिए घर ले जा सकते हैं, पुस्तक का मूल्य अधिक होने पर राशि अंतर राशि (Difference amount) जमा करवाना होगी |
  • समय सीमा बढाने पर फोन पर री-इशु की सुविधा है | Phone No. – 0731-2529699(O)
  • सदस्यता अहस्तान्तरणीय ( Non transferable)  है |
  • इसमें डिजिटल लाइब्रेरी / ई लाईब्रेरी भी शामिल है जिसका उपयोग पूर्व समय लेकर किया जा सकता है | ( इन्टनेट चार्जेस १० रु प्रति घंटा अलग से ) 
  • ई-लाईब्रेरी को कोई भी नागरिक एक्सेस कर सकता है निर्धारित इन्टरनेट शुल्क देकर , इस हेतु मेंबर होना आवश्यक नहीं  है |

 

विशेष अध्ययन कक्ष : 

इस लाइब्रेरी का एक और अनोखा प्रयास है “विशेष अध्ययन कक्ष” 

IMG_3145

IMG_3146
अध्ययनरत युवा – तैयारी करते हुए …

 

प्रतियोगी परीक्षाओं, सिविल सर्विसेस , सी ए /सी एस की तैयारी हेतु प्रथम तल (First floor) पर एक विशेष अध्ययन कक्ष बनाया गया है जो वातानुकूलित है |

यह सुविधा इंदौर के उन बच्चों के लिए है जो एकांत में अध्ययन और साथ ही उसी समय विषय विशेषज्ञ पुस्तकों, समाचार पत्रों और पत्रिकाओं को पढ़ना चाहते हैं | यह एक विशेष और अनूठी शुरुआत लाइब्रेरी के प्रबंधन ने की है जो काबिल-ए-तारीफ है |

 

सामान्य अध्ययन कक्ष और परिसर 

 

IMG_3135

IMG_3110
दैनिक समाचार पत्रों – पत्रिकाओं के लिए फ्री डेस्क
IMG_3130
अध्ययन कक्ष – पाठक संसद

प्रतिमाह , प्रथम सोमवार को शाम ५.३० पर होती है पाठक संसद , पुस्तकों पर चर्चा , लेखक -पाठक विचार विमर्श, विमोचन , समीक्षा इत्यादि | 

 

डिजिटल / ई- लाईब्रेरी – समय के साथ कदमताल – ऑटोमेशन 

कमिश्नर संजय दुबे ने गुरुवार, २८ अगस्त २०१४ को  को देवी अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय को  दिल्ली की डेलनेट संस्था (डेवलपिंग लायब्रेरी नेटवर्क) से जोड़कर दुनिया के 5 हजार पुस्तकालयों और लगभग 2 करोड़ पुस्तकों से जोड़ दिया। इंदौर में बैठकर कोई भी पाठक इंटरनेट के जरिये डेलनेट संस्था के सौजन्य से 2 करोड़ किताबों से सीधे सम्पर्क कायम कर सकते हैं और ज्ञानार्जन कर सकते हैं।  इन पुस्तकालयों को आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस करना जरूरी है। हमें समय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना पड़ेगा।
देवी अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में इस समय 70 हजार पुस्तकें हैं, मगर डेलनेट संस्था से जुड़े जाने के बाद यह पुस्तकालय भारत के 4500 और दुनिया के अन्य देशों के 500 पुस्तकालयों से सीधे जुड़ गया है।
 
IMG_3123
इससे यहां के विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा। यह हमारे लिये बड़े गर्व की बात है। डेलनेट संस्था में सर्वाधिक पुस्तकें साइंस और टेक्नॉलाजी की हैं। हम इंदौर में बैठकर संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड अरब अमीरेट्स, पाकिस्तान, फिलीपिंस आदि देशों के पुस्तकालयों से सीधे जुड़ गये हैं। इस अत्याधुनिक सुविधा से अध्ययन की परम्परा कायम रहेगी।
 
जल्द ही  इस पुस्तकालय परिसर में नियमित रूप से लेखकों का सम्मेलन, कैरियर मार्गदर्शन और बच्चों की क्विज प्रतियोगिता नियमित रूप से होती रहेगी | 
 
डेलनेट नेटवर्क मैनेजर डॉ.संगीता कौल ने बताया कि पूरी दुनिया संचार क्रांति के दौर से गुजर रही है। हम इससे अछूते नहीं रह सकते। डेलनेट संस्था ने पुस्तकालय और सूचना विज्ञान को संचार क्रांति से जोड़ने का संकल्प लिया है। डेलनेट ने दुनिया के 5 हजार पुस्तकालयों को एक-दूसरे से जोड़ दिया है। ऐसा करने से दुनिया के करोड़ों पाठक और हजारों लेखक एक-दूसरे से अपने आप जुड़ गये हैं।
 
अन्य सुविधाएँ :  
लाइब्रेरी को जन सहयोग और भागीदारी से प्रीतम लाला दुआ सभा गृह के रूप में अनोखी सौगात शहर के लिए मिली है | यहाँ पर आर्ट गैलेरी और एक ऑडिटोरियम है जिसे बहुत कम शुक पर नागरिको के लिए कला और संस्कृति के कार्यक्रमों के लिए उपलब्द्ध कराया जाता है | इस हेतु लाइब्रेरी के ऑफिस समय पर संपर्क किया जा सकता है | 
शासकीय अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय , 

रीगल चौराहा, एम जी रोड , इंदौर 
Phone No. – 0731-2529699(O) E-Mail Id : akp_indore@yahoo.com ,   akp_indore@rediffmail.com

Time- 10.30 AM To 6.30 PM ( Monday Closed )

 

मेरी आपसे प्रार्थना है कि नई पीढी को डिजिटल के साथ पुस्तक अध्ययन के लिए भी प्रेरित करें और शहर के मध्य स्थित इस बहुमूल्य धरोहर का प्रयोग करें | इसके सदस्य बने और युवाओं को प्रेरित करें , सभी को लाभ होगा | अच्छी पुस्तके सच्ची मित्र होती हैं , ऐसा बचपन से सुना और समझा भी है …जल्द ही इंदौर की एक और कहानी लेकर फिर हाज़िर होता हूँ |  

 

समीर शर्मा | ओहइंदौर.कॉम | 9755012734 | ईमेल : ohindore@gmail.com 

 

Indore Ka Raja - Ganeshotsav

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com