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गुंडे पशुपालक ने नहीं , “हमने” मिलकर की है शुभम की ह्त्या – जागो इंदौर

समीर शर्मा | इंदौर 

शर्मनाक घटना 

गुंडे पशुपालक ने नहीं , “हमने”  मिलकर की है शुभम की ह्त्या 

इस पोर्टल की पहली नेगेटिव पोस्ट 

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आज यदि हमारे अपने पुत्र , भाई की ह्त्या हो गई होती तो “आसमान सर पर टूटने” के मुहावरे का अर्थ पता चल ही जाता ...

२२ साल का युवा , नई नौकरी और बहुत सारे सपने लेकर काम शुरू किया था शुभम ने , पर उसे यह नहीं पता था की जिस समाज के लिए वह यह काम कर रहा है वह तो निरा स्वार्थी है , नपुंसक है ….

 

ये लोग तो वो हैं जो अपने घर का कचरा भी पडोसी के यहाँ डाल देते हैं , कचरे के डब्बे में नहीं उसके बाहर फेंक देते हैं , कार से नहीं उतारते और दरवाजा खोलकर सड़क पर ही थूकते हैं …हाँ पशु दिखे तो नगरनिगम को गाली देना , सरकार को कोसना नहीं भूलते …..

मजाल है कि  “ये लोग” अपने क्षेत्र के पोलिस स्टेशन पर मिलकर रिपोर्ट लिखा दें इन गुंडों , पशुपालको के खिलाफ जो अपने पाप हमारी छाती पर सडक पर खडा  करते हैं , और गौमाता संरक्षण और पुण्य के नाम पर आपसे ही उनको पलवाते हैं ..

 

 

काश हम इस षड्यंत्र को समझ पाते और फेसबुक पर बीफ का रोना रोने वाले अपने शहर, मोहल्ले और क्षेत्र को कम से कम पशु मुक्त करवाते …आवारा पशु है या अपराधी पशुपालक यह समझ पाते … पता नहीं !

कहाँ है आरएसएस के स्वयं-सेवक जो चेन्नई जाकर तूफ़ान में फसे लोगों की मदद तो करते हैं पर अपने साथी और  शहर के लोगों को मदद नहीं कर पाते , कहाँ है युवा कांग्रेस के दल, बीजेपी के युवा,  कहाँ है गौ माता के रक्षक जो इन पशुओं को यूँ ही देखकर निकल जा रहे हैं , रोटरी क्लब और सोशल क्लब तो ये काम करते ही नहीं उन्हें तो राजबाड़ा और रीगल पर मोमबत्ती जलाने से फुर्सत हो तो ” गाय-माता ”  नजर भी आये ……नेता तो कोई काम के हैं ही नहीं हैं …

 

नगर निगम इंदौर ने १०० पक्के और १५० से ज्यादा कच्चे बाड़े तोड़े थे , २५० से ज्यादा पशुपालको के खिलाफ अभियान किया , १४४ धारा लगाई , पर चुकी इस अत्यंत स्वार्थी समाज ने इसे कभी सहयोग नहीं दिया , दर से या आदत से या स्वार्थवश तो फिर गलती निगम या अफसरों या सरकार की कैसे हुई ….

 

जागो , अब भी वक्त है , दुनिया कहाँ पहुँच गई और छावनी से अग्रसेन चौराहे के मवेशी नहीं हट रहे हम से …..क्या नहीं लगता शुभम को आपने मारा है ….

 

दैनिक भास्कर में छापा शुभम के परिवार का फोटो , कुछ महसूस हुआ आपको ?

 

मत छोड़ने दो पशुओं को , संगठित हो जाओ , रिपोर्ट करो , फोटो खीचों और भेजो , मत दो गाय -पशुओं को चारा और खाना सड़क पर , मत करो……यह पाप , इतना ही है, तो गौशाला बनवाओ शहर के बाहर और जाओ और करो सेवा ….

नगर निगम कमिश्नर , मेयर और पोलिस अपना काम करेगी ऐसी आशा है, पर हमारा क्या ?

ये लोग कब तक इस बिना रीढ़ के लोगों के लिए काम करेंगे …..ये भी तो हम में से ही हैं….फिर न कहना कि सरकार तो कुच्छ करती नहीं…. 

 

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इन गुंडों को समाज से बहिष्कृत करो , हुक्का पानी बंद करो , सामान मत दो ….कुछ तो  करो नहीं तो सनद रहे अगला शिकार आपका अपना ही कोई है ..याद रहे प्रशासन तभी सही कार्य कर पायेगा जब जनता सजग हो …

और हाँ “आपने ” यानि इंदौर ने  ही  मारा है शुभम को …

 

समीर शर्मा 

 

वामन हरी पेठे, इंदौर

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

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