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Bahai new Year - Nawruz

19 दिनों के व्रत के बाद बहाई मनाएंगे नव वर्ष – नवरोज़ : एक अनोखी कम्युनिटी, जो है एकता की शानदार मिसाल

ओहइंदौर .कॉम | विशेष | बहाई नव वर्ष | समीर शर्मा 

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आध्यात्मिक गुणों के लिए १९ दिनों के उपवास

और फिर नववर्ष का त्यौहार

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बहाई नव वर्ष – नवरोज़ 

मनाया जायेगा 20 march 2017  को 

www.bahai.org 

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1-19 मार्च तक निर्जल सुबह से शाम तक कठिन व्रत रख कर उपवास किया जाता है , जिसका केवल आध्यात्मिक उद्देश्य यह है की हम संयमित रहकर आध्यात्मिक गुणों को अपने जीवन में उतारें और उसके फलस्वरूप अपने परिवार, शहर , राष्ट्र  और सम्पूर्ण विश्व में शांति और एकता के कार्य को आगे बढा सकें  |

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बहाई समुदाय : एक झलक

 

मान्यता :

बहाउल्लाह (ईश्वर की आभा ) को इस युग में श्री राम, श्री कृष्ण , ईसा मसीह, हज़रत मूसा ,  मुहम्मद साहब  के बाद में इस युग का अवतार मानने वाले अनुयायी बहाई कहलाते हैं, जो उनके वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर विश्व शांति और एकता के लिए कार्य कर रहे हैं | 

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नई विश्व व्यवस्था 

बहाई धर्म के अनुयायी धर्म और विज्ञान की समरसता , सभी धर्मों का आदर, स्त्री और पुरुष की समानता , सभी के लिए शिक्षा , आध्यात्मिक मूल्यों और सिद्धांतों का दैनिक जीवन में अनुपालन , विश्व शांति , सभी धर्मों की एकता , सामान न्याय प्रणाली जैसे सामयिक और वैश्विक सिद्धांतों में आस्था रखते हैं|  

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एक अनोखा समूह है बहाई धर्म 

बहाई धर्म की ” कम्युनिटी ” बड़ी ही अनूठी है , क्यूंकि इसमें आस्था रखने वाले विभिन्न धर्मों की पृष्ठभूमि से आये हैं जैसे सनातन धर्म के अनुयायी ब्राह्मण , सिख, जैन , मुस्लिम , बोहरा , बौद्ध , पारसी , यहूदी आदि आदि …और ये सभी किसी भी प्रकार का कोई भी अंध विशवास  या कट्टरपन नहीं पालते जैसे भाषा, रंग , जाति या देश …और जब यह सब एक साथ बैठते हैं और पूरी दुनिया को एक करने की प्रार्थना करते हैं तो लगता है जैसे कि पूरी पृथ्वी एक गुलदस्ते की भाँती अलग -अलग रंग के फूलों से सज गई है ….कोई उर्दू में दुआ कर रहा है तो कोई संस्कृत या हिंदी में , कोई अंग्रेज़ी में प्रेयर …पर सभी का भाव एक 

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इनके  प्रेम भाव ने संस्कृति , भाषा , देश की बेड़ियाँ ही मिटा दी हैं …..और लगता है शायद राम राज्य या सतयुग यही है |

यहाँ कोई शर्मा , हुसैन , सिंह , भोपालवाला , श्रीवास्तव , उपाध्याय , खान , हर किस्म का फूल है ….शानदार एकता की मिसाल है , बहाई समुदाय ..

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“यह पृथ्वी एक देश है और समस्त मानवजाति इसकी नागरिक”

– बहाउल्लाह 

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क्या गतिविधियाँ करते हैं बहाई ?

 

बहाई सारे ईश्वर अवतारों को मानते हैं, और सभी धर्मों के स्त्रोत को एक ही मानकर एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं |

ये समाज निर्माण की गतिविधियों में संलग्न हैं | बच्चो की नैतिक कक्षाएं , बड़ों के साथ आध्यात्मिक अध्यन की कार्यशालाएं , संकीर्तन जैसे कि भजन और प्रार्थना सभाएं आदि , ये सभी वह कार्य हैं जो हमें सही राह पर चलने  में सहायक होते हैं और आध्यात्मिक मूल्यों से हमारे जीवन को सच्चे मानव जीवन जीवन में मदद करते हैं |  

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पूरे विश्व में इस कार्यक्रम के माध्यम से नए युवा अपनी नैतिक जिम्मेवारी समझ रहे हैं और एक नए मानव का विकास हो रहा है जो इस पृथ्वी पर शांति और अपने गुणों के कारण  जाना जाएगा | 

हर  घडी में समाज और राष्ट्र के साथ विश्व निर्माण में बहाई अपनी भूमिका अवश्य निभाते हैं |

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लोटस टेम्पल : बहाई उपासना मंदिर,  नई दिल्ली 

 

नई दिल्ली स्थित बहाई उपासना मंदिर लघभग हर भारतीय ने देखा है या इसके बारे में  जानता है और अब तो यह भारत की पर्यटन की पहचान और चिन्ह भी बन चुका है | बड़ा ही अद्भुत कमल आकर के इस मंदिर में सभी धर्मों के लोग आते हैं और अन्दर बैठकर शांति से प्रार्थना कर ह्रदय और आत्मा की शांति का अनुभव करते हैं |

 

 

जीवन के उद्धेश्य को समझ कर , इस युग के अवतार को पहचानना और  आध्यात्मिक गुणों  की आधारशिला पर  विवेकपूर्ण  कार्यों से अपने  जीवन में भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति करना , जिससे व्यक्ति स्वयं  का और समाज का भला कर सके, यही बहाई धर्म के अनुयायियों का लक्ष्य है |

 

बहाई धर्म पर अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर विजिट करें :  

www.bahai.org  अथवा www.bahai.in 

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समस्त विश्व के बहाईयों  को इस पावन नव वर्ष “नवरोज़” की

हार्दिक शुभकामनाएं 

समीर शर्मा  | Sameer Sharma 

Indore Ka Raja - Ganeshotsav

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

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