Breaking News
Home / Culture / Bahai New Year – Naw Ruz – बहाई धर्म के अनुयायी मनाएंगे नया वर्ष २० मार्च को

Bahai New Year – Naw Ruz – बहाई धर्म के अनुयायी मनाएंगे नया वर्ष २० मार्च को

बहाई नवरोज़  – विश्व भर के बहाई धर्म अनुयायियों का नया वर्ष – “नवरोज़”

 

बहाई अपने केलेंडर के अंतिम माह के सभी १९ दिनों में आध्यात्मिक और भौतिक उपवास रखकर प्रार्थना और आराधना करते हैं , इसका मुख्य उद्देश्य आत्मा की आध्यात्मिक प्रगति तथा ईश्वर के और अधिक निकट जाना है |

ये उपवास विश्व शान्ति और विश्व एकता , वसुधैव कुटुम्बकम के उद्देश्य की पूर्ती हेतु पूरे विश्व के बहाईयों द्वारा किये जाते हैं | सभी जगह एक सामान पद्धति और उद्देश्य से ….

इसके बाद आता है नव वर्ष , जिसे “नवरोज़” कहा जाता है …

इन दिनों अशोक वृक्ष फूलता है और आम के पेड़ों पर मौर आने लगते हैं। पतझड़ में जिन पेड़ों के पत्ते झड़ चुके होते हैं, उन पर वसंत ऋतु में नई-नई कोंपलें निकलने लगती हैं। सारे नगरों-गांव-देहात हरियाली का नया बाना धारण करके ऐसे लगते हैं जैसे उनका नया जन्म हुआ हो।

आमतौर पर यह नव वर्ष १९-२०-२१ मार्च में से किसी भी दिन आता है और १९ दिनों के उपवास के बाद इस त्यौहार को मनाया जाता है | अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनाईटेड नेशंस ने भी इसे स्वीकार किया हैं और मान्यता दी है | और इसका आधार वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों है  | इसे बसंत का प्रथम दिन भी माना जाता है|

नए वर्ष पर सभी बहाई जन मिलते हैं , प्रार्थनाओं के साथ एक दूसरे को बधाई देते हैं और मित्रों और परिजनों के साथ इस त्यौहार को मानते हैं |

003The-Lotus-Temple-Baháí-House-of-Worship-in-New-Delhi-India
The-Lotus-Temple-Baháí-House-of-Worship-in-New-Delhi-India

हर धर्म में एक ईशदूत और उसके द्वारा उस युग के लिए दिया गया एक धर्मग्रन्थ होता है, जैसे सनातन धर्म में गीता , ईसाई धर्म में बाईबिल, ईस्लाम में कुरआन वैसे ही बहाई धर्म जिसे इस युग का धर्म मना जाता है उसमे “पवित्रतम-पुस्तक” या किताब-ए-अक्दस या “The Most Holy Book” है |

बहाई अनुयायी कृष्ण के पुनरागमन में विशवास रखते हैं और “बहाउल्लाह” (ईश्वर की आभा/ भर्गोदेवस्य ) को इस युग का कल्कि अवतार मानते हैं | बहाउल्लाह को मानने वाले बहाई कहलाते हैं |

बहाई अपनी गतिविधियों और अपनी जीवन शैली से जाने जाते हैं , इसके संस्थापक अवतार कहते हैं कि “इस धरती पर अब एक नया मानव पैर रखेगा” अर्थात उसके नैत्क और आध्यात्मिक मूल्य सिर्फ शब्दों के नहीं बल्कि कर्मों से भरे होंगे और समाज में अपनी पहचान अपनी संवेदनशीलता, अपने सुकर्मों , ईमानदारी , विश्वसनीयता से बनायेंगे ..वे अपने व्यवहार से सभी की मदद और अपने मित्रों के सुख और दुःख में साथी होंगे |

BahaisIndore
इंदौर के बहाई युवा

ऐसी ही दिव्य योजना बहाउल्लाह ने पूरे विश्व के लिए दी  है, जिसे बहाई अपनी गतिविधियों जैसे की बच्चों और किशोरों की नैतिक कक्षाएं, बड़ों के साथ स्टडी सर्कल आध्यात्मिक विषयों पर और संकीर्तन रूप में प्रार्थना  सभाएं आयोजित करके की जाती हैं |  इससे समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा , आपसी तालमेल और समझ और के दुसरे के प्रति सहिष्णुता को बल मिलता है | यह परिवार , देश और विश्व में  शांति स्थापना  के लिए अत्यंत आवश्यक है |

१८४४ में बहाउल्लाह ने ईरान में अपने अवतार होने की घोषणा की और कहा कि  और “संपूर्ण पृथ्वी एक राष्ट्र , और मानवजाति इसकी नागरिक है ” का सन्देश दिया | बहाउल्लाह को कृष्ण, मुहम्मद, ईसा , जरथुस्त्र और सभी अवतारों की वापसी के रूप में मानते हैं बहाई अनुयायी |

नए वर्ष की तरह ही नया युग प्रारंभ हो और सतयुग की स्थापना , विश्व शांति और विश्व एकता, धर्मों की समानता , सभी के लिए शिक्षा, अंतरर्राष्ट्रीय न्यायालय, विश्व भाषा, स्त्री पुरुष की समानता जैसे सिद्धांतों के साथ बहाई जुटे हुए हैं नए विश्व निर्माण में |  नए वर्ष की बधाई, नवरोज़ मुबारक…

 

Indore Ka Raja - Ganeshotsav

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

ये भी तो देखो भिया !

हाउस ऑफ़ पराठा पुणे की बाहुबली थाली – इंदौर को इंतज़ार है इस थाली का

Share this on WhatsApp , हाउस ऑफ़ पराठा पुणे की बाहुबली थाली  We ordered special …