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इंदौर में धरा और निखिल कर रहें हैं दुनिया का सबसे आशिर्वादित काम : आइये इनके बारे में जाने और इसने जुड़ने का सौभाग्य लें

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“यदि ईश्वर की सेवा में कोई सबसे महान कार्य किया जा सकता है,

तो वह है बच्चों और युवाओं को शिक्षित कर उनके

सुनहरे भविष्य का निर्माण करना ”

– बहाई धर्म ग्रंथों से साभार 

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इंदौर के रीयल हीरोज़ : “क्राफ्टिंग फ्यूचर” वाले  

धरा पाण्डेय और निखिल दवे 

 

इस ऊपर लिखे हुए बहाई कोटेशन (पवित्र लेख ) को टाइप  कर रहा था तो  धरा और निखिल दवे के  चेहरे मेरे सामने थे क्योंकि इस पोस्ट को लिखने पर इसके इस अनूठे सेवा प्रकल्प ने मुझे बहुत ही प्रभावित कर दिया था |

जब हमें यह पता चला की इंदौर में एक युवा दंपत्ति (धरा जी और निखिल जी )इस तरह का कार्य कर रहे हैं जिसमे उन बच्चों के भविष्य का निर्माण चुपचाप अपने कठिन परिश्रम ,ईच्छा शक्ति और बहुमूल्य युवावस्था का समय देकर किया जा रहा है तो उनसे मिलने का निर्णय हुआ और हम पहुंचे “क्राफ्टिंग फ्यूचर ” पर ..

ये दोनों एक संस्था चलाते हैं इसका नाम है “मृत्युंजय भारत ट्रस्ट”  , और इसी संस्था के अंतर्गत इन्होने इस प्यारे से सेवा प्रकल्प “क्राफ्टिंग फ्यूचर” के विचार को आकर दिया है |

 

कौन हैं धरा और निखिल ?

 

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धरा और निखिल से मिलने पर पहली बार में ही यह लग जाएगा की ये लोग इन कामों के लिए ही बने हैं …इनकी सोच सीधी है उसम कोई छुपा हुआ उद्देश्य भी नहीं …ये बिजनेस और नौकरी करके अपने ज़िन्दगी ऐश ओ आराम से चला कर बिता देने वाले लोग नहीं…

ये जानते हैं कि  मनुष्य ईश्वर  की सर्वोत्तम कृति है और उस हिसाब से उसका उद्देश्य इस जीवन को सार्थक अपने अच्छे और दिव्य कार्यों से अपने आसपास के लोगों के जीवन को ऊपर उठाना और इक नए इंसान का जो गुणों और ज्ञान से भरपूर हो ,  का निर्माण करना है |

दोनों अपनी जीवन की गाडी और इस सर्विस प्रोजेक्ट को चलाते रहने के लिए काम भी करते हैं  | धरा जी शिक्षा क्षेत्र में हैं और निखिल अपना एक व्यवसाय चलाते हैं | इसी के साथ क्राफ्टिंग फ्यूचर में अपना बाकी समय देते हैं | 

ये दोनों एक बेहतरीन जीवन साथी और शानदार और ज़बरदस्त व्यक्तित्व हैं | 

 

क्या है “क्राफ्टिंग फ्यूचर”? 

साकेत नगर में एक अपार्टमेंट में स्थित , यह कहने को तो एक हॉस्टल के सामान है पर वो हॉस्टल नहीं जो आप समझते हैं , मिस्टर इण्डिया पिक्चर देखी हो तो समझ में आएगा …बड़े जतन और प्यार और सार संभाल के साथ ये दोनों यहाँ पर उन बच्चों को रखकर उनके भविष्य को संवार रहे हैं जिनके घर और परिवार हैं तो पर उतने सक्षम नहीं कि उन्हें अच्छी शिक्षा दे पायेंगे , या संस्कारों के लिए समय निकाल कर उन्हें वैसे शिक्षित करें जैसे आमतौर पर हमारे परिवार  में बच्चों को पालन पोषण के लिए दिए जाने चाहिए |

 

ये बच्चे वो हैं जिनके माँ-पिता  दिनभर काम में मजदूरी करते हैं या ये शरणार्थी शिविर में रहते हैं या अत्यंत गरीब आदिवासी निकाय से आते हैं | 

 

 

मिजोरम, त्रिपुरा जैसे सुदूर स्थित जगहों से कुछ बच्चे हैं तो म.प्र के  झाबुआ , बागली , देवास से भी यहाँ पर बच्चे है ..कुल १६ बच्चे अभी यहाँ पर धरा और निखिल अपने पास संभाल कर उनके भविष्य को गढ़ रहे हैं | 

ये बच्चे ५वी से लेकर १० वीं  तक और १  युवा पीजीडीसीए भी कर रहे हैं | इन्हें नाश्ता , खाना , कपड़े  , किताबें , स्कूल की फीस , इनके रहने की जगह के फ़्लैट का किराया , चिकित्सा , ट्यूशन,  उनकी सुरक्षा , काउंसलिंग और यह सेवा कार्य चलता रहे इसकी सुनिश्चितता …सब ये दोनों मिलकर करते हैं ..लेकिन साधना गोलछा,अपर्णा साबू,स्वप्निल कोठारी ,प्रतीक ठक्कर एवं गिरीष्मा, अनुषा,श्रुति और दीक्षा जैसे लोगों के साथ के  बिना इसको संभाल पाना असंभव था।

इसके अलावा भी कई कार्य और चुनौतियाँ हैं, जो अनायास ही उठकर सामने खड़े हो जाते हैं , पर जब हिम्मत-ए-मर्दां तो मदद-ए-खुदा के भरोसे ये इस पुनीत कार्य को बेहतरीन ढंग से अंजाम दे ही रहे हैं …

 

 

 

खैर अब मेरे काम की बात हो जाए 

ये दोनों बढ़िया काम कर रहे हैं , इसमें शक नहीं ….पर क्या हम अपना काम कर रहे हैं ?

यदि कोई उदाहरण सामने आता है तो जो प्रेरित हुए बिना रहे वह तो दूसरी ही दुनिया का आदमी होगा …तो मेरा मानना यह है कि बहुत बोलने , बहुत खाने वाले इस शहर में क्या बहुत जिजीविषा वाले लोग भी हैं जिनकी रीढ़ भी हो और प्यारा  सा दिल भी ..

क्यूंकि अब मेरा संकल्प तो तय है कि मैं इनके साथ जुड़ चुका हूँ .. आप तक इस खबर को पहुंचाकर , अपने मित्रों से इन काम में सहयोग दिलाकर चाहे वह आर्थिक हो या वस्तु विषयक , चाहे अपने समय का हो या अपनी प्रतिभा से इन बच्चो को कुच्छ कला, क्राफ्ट या तकनीक सिखाने का …मैं इस कार्य में अपनी भागीदारी दूंगा , पर आपसे भी आह्वान करूंगा कि ऐसे समाज के इन “रियल हीरोज़” का सहयोग और इनकी हौसला अफज़ाई दोनों की जानी चाहिए ताकि यह यह छोटा सा प्रकल्प जो अभी १६ बच्चों तक सीमित है और आगे बढे और इन्ही में से कोई जीनियस, कोई कलाकार कोई शिक्षक या एक और धरा या निखिल जी जैसा नया मानव इस दुनिया को मिले |

 

कुछ उर्जावान और जागरूक युवा भी ,  जो कॉलेज स्टूडेंट्स हैं यहाँ पर अपनी सेवाएँ देने नियमित आते भी हैं …उन्हें भी सलाम है..

 

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आप चाहें तो इन से जुड़ सकते हैं यहाँ विजिट कर सकते हैं और अपनी सेवाएँ और सहायता भी दे सकते हैं | याद रखिये ये हमारी और आपकी भी साझी जिम्मेवारी है | आप भी ऐसा कोई प्रकल्प शुरू करें …या इसमें सहायता दें ..

क्यूंकि किसी बच्चे को शिक्षा देना ईश्वर के बच्चों को शिक्षा देना होता हैं ….ये मौका छूट न जाये … 

तो ध्यान रखिये , या तो आप ऐसे अच्छे कार्य करें और नहीं तो ऐसे अच्छे कार्यों में आपका सहयोग होना बहुत ज़रूरी है ….ईश्वर की निगाह में नीयत देखी जाती है और कुछ नहीं ..

 

इनसे सीधे संपर्क करें : 

Mrityunjai Bharat Trust  

Regd. Office: 30, Shanti Nagar,  Manoramaganj, Indore (452001),  Madhya Pradesh

Email : info@mrityunjaibharat.in Phone :  +91-8085268077, +91-94247-01702

समीर शर्मा

वामन हरी पेठे, इंदौर

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com
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