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ये लो …इस दुनिया में है एक और इंदौर, वो भी अमेरिका में – डबल रोल इंदौर का

एक देसी इन्दोरी पहुंचा इस विदेशी इंदौर में ….

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प्राण जाए पर सेंव-परमल ना जाये

 

ये भिया जो सेंव ने परमल का डिब्बा लेके बेठे हे नी , इनको कोई मामूली मत समझना , बतऊँ क्या ? कोन हे ये? 

 

ये भिया प्रेसिडेंट हें ओर को-फाउंडर – “इन्फोबींस” के ( मतलब अपने अविनाश भिया और सिद्धार्थ भिया के पार्टनर) हलके में तो लेना ही मत ….

 

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इनका नाम है  मितेश बोहरा , ठेठ इंदौरी …भिया अमेरिका में रहते हैं,  …. अब इनको  भोत याद आती है इंदौर की , क्या करें तो भिया मितेश बोहरा अपनी पत्नी और हमारी भाभी प्रियंका और दोनो छोरे-छोरी  प्रिशा और प्रियांश के साथ केलिफ़ोर्निया से न्यूयॉर्क की 7000 किमी. की सड़क यात्रा पर निकले ।

 

अब गज़ब की बात ये के उनको मिल गया एक और इंदौर , अरे हाँ भिया , स्पेलिंग भी  INDORE ओर बोलो …… हमारे रिकार्ड के मुताबिक़ मितेश बोहरा और परिवार पहले इन्दोरी परिवार हैं जो वेस्ट वर्जीनीया के इंदौर पहुंचे हैं और जिन्होंने वहाँ पे लोगों से बातचीत की , उन्हें इंदौर मालवा के बारे में बताया और सेंव-परमल पार्टी दी  ….

 

…भिया का सम्मान किया जाएगा प्रथम नगर आगमन पे ओह! इंदौर की टीम द्वारा …

 

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मितेश, प्रियंका, प्रियांश, प्रिशा

 

रास्ते में उन्हें अपने शहर इंदौर की बहुत याद आयी…अब चूँकि वो अपने इंडिया वाले इंदौर तो जा नहीं सकते थे, तो भिया पहुँच गए इंदौर नाम के  शहर में  जो वेस्ट वर्जिन्या में है,  और फिर क्या =, ये गए और वो पोंचे ….. ये वो चारों जने इंदौर of West Virginia.

 

 

 

ये वाला इंदौर, एक बहुत ही छोटा लेकिन सुंदर शहर है. बस 800 जने रेनेवाले ,  ने  वहाँ पे एक चर्च, ने एक पोस्ट ऑफ़िस ने  एक रेस्टोरेन्ट है|

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सबसे पहले वो वहाँ के इंदोरियों से मिले और उनको सेव परमल खिलाए और उन लोगों के साथ ढेर सारी पंचायती की. पता चला उस कपल की शादी एक हफ़्ते पहले ही हुई थी वो भी केलिफ़ोर्निया में. वो कहावत है ना दुनिया बहुत छोटी है…बिलकुल सच है।

 

जिस तरह इंदौर के बच्चे अपने माँ बाप का नाम रोशन करते हैं बिलकुल वैसे ही अमेरिका के इंदौर का बेटा JC Gould भी सारे बड़े शहर के ऐशो आराम छोड़ कर अपने माँ बाप के साथ रहने आ गया। उसकी कहानी सुन के बहुत अच्छा लगा।

 

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अमेरिका का इंदौर सुंदर सी पहाड़ियों के बीच घनी हरियाली में बसा है। लोग या तो पहाड़ पर रहते हैं या बीच में गुज़रती नदी के किनारे। ज़्यादातर लोग वहाँ की कोयला खदान में काम करते हैं।

अमेरिका के इंदौर और इंडिया के इंदौर में कुछ समानता नहीं है लेकिन फिर भी मितेश और उनके परिवार को लगा जैसे अपने घर आ गए हैं।

प्रियंका कहती हैं की “कई बार सिर्फ़ नाम में ही कुछ कशिश होती है। इन भावनाओं को शब्दों में कह पाना बहुत मुश्किल है।” 

सेंव -परमल

 

मितेश भिया ने उन इन्दोरियों को मालवा के इंदौर का नेशनल फ़ूड “सेंव -परमल भी खिलवा दिए ”  ये देखो …

 

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ये है एक सच्चे इन्दोरी की कहानी …अब बोलो मज्जा आया कि नी भिया ….. भिया आगे भी और लिख के भेजेंगे ऐसी आशा है उनके इन्दोरी मित्रमंडल को ….

 

– समीर शर्मा | ohindore@gmail.com

 

 

एक देसी इन्दोरी पहुंचा इस विदेशी इंदौर में ....   ये भिया जो सेंव ने परमल का डिब्बा लेके बेठे हे नी , इनको कोई मामूली मत समझना , बतऊँ क्या ? कोन हे ये?    ये भिया प्रेसिडेंट हें ओर को-फाउंडर - "इन्फोबींस" के ( मतलब अपने अविनाश भिया और सिद्धार्थ भिया के पार्टनर) हलके में तो लेना ही मत ....     इनका नाम है  मितेश बोहरा , ठेठ इंदौरी ...भिया अमेरिका में रहते हैं,  .... अब इनको  भोत याद आती है इंदौर की , क्या करें तो भिया मितेश बोहरा अपनी पत्नी और हमारी भाभी प्रियंका और दोनो छोरे-छोरी…

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About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

ये भी तो देखो भिया !

इन्दोरी भिया की मेराथान कथा – इन्दोरी बोल में भिया की बात – संजय पटेल की कलम से

Share this on WhatsApp   इन्दोरी भिया की मेराथान   भिया यूं तो सूरजवंशी हैं …

  1. अभी दोपहर के एक बजे है खाना लेकर निः आया था आज, तो ऑफिस के पास से पोहे जलेबी निपटा कर आया और ये आर्टिकल देखा| अपना काम Content Writing का है तो उसके चक्कर में इस इंदौर के बारे में २ साल पहले से ही पता था, लेकिन मितेश को इस केलिफोर्निया वाले इंदौर में देख कर बहुत अच्छा लगा ….

    Although, Sameer sharma already gave an introduction about Mitesh Bohra, but I would also like to say few things about him. He is not only a very successful man, he has a great heart as well. For me, he was like a mentor and whatever I am today, his influence played a vital role in it. I don’t work for him anymore, but if you are working for him then consider yourself very lucky. Also, try to learn from him as much as possible for you.

    And if you ever get a chance to work for him, don’t miss that chance, I assure you, you will have a life changing experience in that work.

  2. Suveer Shrivastava

    Nice innovative work Sameer bhai, a person born n brought up in Indore but away later can more understand love towards Indore n Malwa
    Lee it up !

  3. Indore Will never change at any place Indore always be Indore Everywhere

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