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किशोर कोडवानी की कहानी – इंदौर शहर की साफ़ आब-ओ-हवा के लिए अकेला लड़ता एक शख्स – जन्मदिन विशेष

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इस फोटो को आप ज़रूर पहचानते होंगे …

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रौबीली आवाज़ , चेहरे और आँखों में शहर और पर्यावरण के प्रति गलत हो रहे कामों और नीतियों के खिलाफ भरा गुस्सा , सिन्धी टोपी लगाये ये हैं , किशोर कोडवानी जी ….

 

एक इंसान जो सिर्फ लड़ रहा है हमारे लिए लिए जी हाँ आज जन्मदिन पर लोग जब पार्टीज़ मानते हैं किशोर कोडवानी बैठे हैं  अपने जन्मदिन पर आमरण अनशन पर अपने फ्रेक्चर हुए पैर के साथ  ….आपके लिए , इंदौर की जनता के लिए …ये सिर्फ किशोर भाई के बूते की ही बात है …

 

आपके और हमारे लिए इस आमरण अनशन पर बैठें है किशोर भाई,  इन मुद्दों पर …

कान्ह नदी सफाई पायलेट र्प्रोजेक्ट 2 .15 किलोमीटर ,  

७०दिन में सिर्फ ७०० मीटर नदी की सफाई हुई है और मशीनरी भी कम करते जा रहे नगर निगम की सुस्ती पर 

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किशोर कोडवानी जी  से मिलने जब मैं पहुंचा तो अपने चित परिचित  शैली में बैठे और बात कर रहे थे |

किशोर कोडवानी जी को  समझना थोड़ा कठिन हैं …क्यूंकि इनके आक्रोश भरे विचार और रौबीली आवाज़ और आहत मन की परत को जब आप पार करेंगे तब ही आप समझ पायेंगे की इनका दर्द कितना है ..कौन है आज जो हमारे लिए एक घंटा बैठकर भी  इंतज़ार भी करे और किशोर कोडवानीजी आमरण अनशन पर बैठे है इंदौर के लिए , नदी के लिए हमारे लिए  |

 

 

युवा अवस्था में किशोर भाई

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सन 1979 से लगातार वे इंदौर शहर , पर्यावरण के लिए किये जा रहे गलत कामों के खिलाफ लड़ते आ रहे हैं और शहर को इनका फायदा मिला है और हालत यह है कि अब जब कोई अफसर किसी अनैतिक काम या गलत नीति को सपोर्ट करने की सोचता है तो उसे सभी सलाह  देते हैं कि ये काम मत करो नहीं तो कोडवानी आ जायेगा …

अपने सही उद्देश्य और जनहित के ईरादों ने ही अकेले खड़े किशोर कोडवानी को वह उंचाई दी है कि नगर निगम इंदौर, आईडीए इंदौर , नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल या हाई कोर्ट सभी वकील , जज , अधिकारीहे जानते ही   नहीं उनका संम्मान भी करते हैं क्यूंकि वे पूरे इंदौर के  लिए खड़े होते हैं बिना किसी स्वार्थ के …इक ज़माने में आपका नाम हंगर स्ट्राइक कोडवानी पड  गया था 

 

बचाया पीपल्या हाना तालाब भी 

पीपल्याहाना तालाब की न्यायालयीन लड़ाई दरअसल इस स्थिति में आ गई थी कि अब जन-आन्दोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जनता की अदालत में ही इसे लाना पड़ा। भरोसा तो था सरकार पर नहीं, जनता पर। मैंने इन्दौर को कभी शहर की तरह नहीं माना, इसे हमेशा आत्मा माना है और यहाँ के लोग मेरे परिवार की तरह हैं। 

मेरे साथ हमेशा खड़े रहते हैं और मैं तो जब जल सत्याग्रह आन्दोलन के लिये घर से निकला था तो साफ कहूँ कि जल समाधि की तैयारी से ही निकला था। उम्मीद नहीं थी कि सरकार इतनी जल्दी सुनेगी पर बढ़ते जन-दबाव ने आखिरकार सरकार को कदम पीछे करने पर बाध्य कर दिया। 

 

ये इंदौर एक धर्मशाला है , यहाँ कोई इसकी जिम्मेवारी नहीं लेता , लोग बाहर से आते हैं बस जाते हैं पर उनका गाँव/ देश तो वही है जहाँ से वे आये हैं ..इसलिए इंदौर का सोचने वाले बहुत ही कम है …यह कहना है किशोर कोडवानी का  ….मैं इसलिए  लड़ रहा हूँ  क्यूंकि मैं यहीं पैदा हुआ और मुझे यहाँ से से सब कुछ मिला और मेरी जिम्मेवारी है इस क़र्ज़ को वापस करने की ….

ट्रैफिक सेल , नदी , रिंग रोड , सड़क और साफ़ पानी , बी आर टी एस घोटाले ले लिए किशोर कोडवानी लड़ते रहे हैं , खूब सारे दस्तावेज़ , उनका रिकोर्ड सहेजना , टाइपिंग करवा कर कोर्ट एम् जनहित याचिका लगाना , लोगो के ताने सुनना , नेताओं  , अधिकारिओं की आँख की किरकिरी बनना मंज़ूर किया सिर्फ इंदौर  के लिए |

 

आमरण अनशन पर बैठे हैं 

अभी बैठे हैं आमरण अनशन पर  कान्ह नदी की सफाई में हो रही लापरवाही , धीमी गति के लिए और लड़ रहे हैं प्रशासन की कछुआ चाल और लापरवाहियों से ….

इन्ही का प्रयास है कि कान्ह नदी के किनारे साफ़ हो रहे हैं और अब झीरियों  से पानी रिसना और पानी का साफ़ होना शुरू हो गया है , चाहें तो देखे जाकर , उनकी ख़ुशी साफ़ झलकती है यह बताते हुए की नदी फिर से ज़िंदा हो रही है …

 

 

ऐसे एक्टिविस्ट समज की धरोहर होते हैं पर यदि शहर और प्रशासन इसे समझे तो….किशोर कोडवानी जैसे भी है हमारे लिए लड़ रहे हैं , जनता का सपोर्ट मिले या न मिले यह व्यक्ति सच के लिए काम करने से अपने आप को रोकता ही नहीं …इनके पास फैक्ट्सऔर डोक्युमेन्ट्स ऐसे की कोई उसके आगे टिक नहीं पाता …RTI और जनहित के लिए लड़ाई सीखने का एक पूरा इंस्टिट्यूट हैं  किशोर कोडवानी जी …

 

शहर के लोगों , युवाओं और संस्थाओं को चाहिए कि निर्भीक, निडर और साहसी नागरिक का सपोर्ट खुलकर करें क्यूंकि ये सबके हित की बात है |  इंदौर वायु  प्रदूषण में नंबर १ हो गया है , जल प्रदूषण में भी पीछे नहीं और वाहनों की संख्या और शहर की जन्संख्स्य के अनुपात में देश में प्रथम हो गया है परन्तु इसकी प्लानिंग में इन फैक्ट्स को ध्यान में नहीं रखा जा रह है | 

यदि हम और आप , इंदौर की जनता इसके साथ आ जाये तो हमारी ट्रैफिक, पानी, नदी और बेहतर जीवन की प्लानिंग सही हो पाएगी और जनता तो जनार्दन है …..

ऐसे व्यक्तित्व के जन्मदिवस पर हम उनके साथ हैं और आपसे भी अनुरोध है कि किशोर कोडवानी जी के   आन्दोलन  में जो वो आपके लिए कर रहे हैं उनका सहयोग करें .…वे बैठे हैं इंदौर झू (चिड़ियाघर) के सामने आमने हनुमान मंदिर के बाहर टेंट में कान्ह नदी के किनारे …आपकी एक विजिट  और आपका सपोर्ट बड़ी ताकत बनेगा , जाइए परिवार के साथ , कभी अच्छे काम के लिए भी निकले घर से ….

किशोर कोडवानी आपको ईश्वर सेहत से नवाजे और आपका हर नेक कार्य पूर्णता प्राप्त हो इसके लिए प्रार्थना और हमारा साथ आपके लिए सदैव….जन्मदिन मुबारक….

क्या अब भी नहीं जायेंगे सपोर्ट करने ?

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समीर शर्मा | 9755012734 

Indore Ka Raja - Ganeshotsav

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com