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“ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज” हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स की एक और प्रस्तुति

हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स एक बार और आपको

अपनी मीठी यादों में ले जाने को तैयार है ,

तो चलें  इस बार अपने बजाज पर सैर करने ..यादों की …:)

 

प्यारी बजाज स्कूटर,

ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज! तुम्हारा नाम पढ़ते ही कौन ऐसा होगा जिसके मन में यह गीत नहीं गूंजता होगा.

एक समय था जब शहरों, गांवों, कस्बों, हर कहीं तुम्हारा राज था. तुमने देश को पंख दिए, देश तुम पर आगे बढ़ता था. कभी-कभी सोचता हूँ कि तुम सिर्फ एक स्कूटर नहीं थीं…तुम हर मिडिल क्लास परिवार का सपना थीं…वह सपना जिसे वो जागी आँखों से देखता था…और हर महीने थोड़े-थोड़े रूपए बचा कर सच करता था.

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एक लम्बे वेटिंग पीरियड के बाद जब तुम कुलांचे भरते हुए घर आतीं, तो सायकलों से पटे मोहल्ले में उत्सव मन जाता था. स्कूटर सिर्फ घर की ही नहीं, पूरे मोहल्ले की भी शान बन जाती थी. रोज़ सुबह चकाचक धोकर जब उस पर सवार होकर निकलते, तो अड़ोसी-पडोसी भी विदा करने बाहर आ जाते. वो दिन ही अलग थे.

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तीन गियर, दो स्ट्रोक और हज़ारों खुशियाँ, यही तुम्हारी पहचान थी, और उस पर खिलखिलाते रिश्ते. स्कूटर पर हेलमेट पहने पिताजी, आगे खड़ी नटखट मुनिया, पीछे इठलाती मुनिया की मम्मी, गोद में एक छोटा सा भैया, यह तस्वीर मानो दिल में बसी हुई है. और हाँ! कभी कभी स्कूटर को वो ४५ डिग्री के एंगल पर झुकाकर चालू करने की तरकीब भी.

 

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सोचता हूँ कई मायनों में तुम उस ज़माने के लोगों जैसी ही थीं. परिवार को लेकर चलने वाली, भरोसेमंद, काम में ज़्यादा और दिखावे में कम. आज वैसे लोग ही नहीं रहे तो तुम्हारा भी नाम मिटता जा रहा है. ‘स्कूटर बेचना है’ के वर्गीकृत विज्ञापनों में या पुराने घरों/गेराजों में सिमटता जा रहा है.

पर सच…जो भी कभी तुम पर सवार हुआ है, वो तुम्हें भूल ही नहीं सकता. बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर…कभी धुंधली हो भी सकती है क्या भला!

 

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– लिटिलरेडबॉक्स.इन 

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यह पोस्ट लिटिलरेडबॉक्स.इनसे साभार लिया गया है, ओहइंदौर.कॉम और लिटिलरेडबॉक्स.इन  के साझा करार के तहत अनुमति लेकर इसे प्रकाशित किया गया है | बेहतरीन हिंदी कटेंट को इंदौर के सभी लोगों तक पहुंचाने और अच्छे साहित्य को बढ़ाना ही इसका मूल उद्देश्य  है |

यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसे श्री आरिश नांदेडकर और सुश्री अतुला गुप्ता दो मित्र और पार्टनर्स संचालित करते हैं | यह एक उम्दा हिंदी रचनाओं का ब्लॉग है, जो आपको आपके स्वर्णिम बचपन और पुरानी यादों में लेकर जाता है

हिंदी ब्लॉग साईट लिटिल रेड बॉक्स एक बार और आपको अपनी मीठी यादों में ले जाने को तैयार है , तो चलें  इस बार अपने बजाज पर सैर करने ..यादों की ...:)   प्यारी बजाज स्कूटर, ये ज़मीन ये आसमां….हमारा कल, हमारा आज….हमारा बजाज! तुम्हारा नाम पढ़ते ही कौन ऐसा होगा जिसके मन में यह गीत नहीं गूंजता होगा. एक समय था जब शहरों, गांवों, कस्बों, हर कहीं तुम्हारा राज था. तुमने देश को पंख दिए, देश तुम पर आगे बढ़ता था. कभी-कभी सोचता हूँ कि तुम सिर्फ एक स्कूटर नहीं थीं…तुम हर मिडिल क्लास परिवार का सपना थीं…वह सपना…

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