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कलियुग में सम्पूर्ण विश्व को एक करने वाले अवतार की घोषणा करने वाले अवतार महात्मा बाब का शहीदी दिवस ९ जुलाई को

९ जुलाई को बहाई धर्म के अनुयायी ईश्वरीय अवतार

महात्मा बाब का शहीदी दिवस मनाएंगे |

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बाब- बहाई धर्म के अग्रदूत

ईरान के शिराज़ शहर में जन्मे महात्मा बाब ने २३ मई १८४४ को यह घोषणा की थी कि वे ही चिर-प्रतीक्षित अवतार हैं जो इस युग में होने वाले सर्वमहान कल्कि अवतार के जल्द ही अवतरण लेने की घोषणा करने और लोगो को इस हेतु तैयार रहने के लिए सूचना देने आये हैं | उन्होंने यह भी बताया कि अब वह समय आ गया है कि वसुंधरा अपने आप को सर्वमहान ईश्वर के अवतरण के लिए तैयार कर ले |

उन्होंने कृष्णा, राम, मुहम्मद, ईसा ,मूसा , जरथुस्त्र , बुद्धा के लौटने की भविष्यवाणी की और कहा कि वह समय आ गया है जब धरती पर सृष्टिकर्ता स्वयं पधारेंगे और जिसकी भविष्यवाणी हर धर्मग्रन्थ में पहले से ही मौजूद है | 

९ जुलाई १८५० को महात्मा बाब को मुस्लिम कट्टरपंथियों ने शहीद कर दिया |

 

19वीं शताब्दी के मध्य में, जो दुनिया के इतिहास में सर्वाधिक अशांति का काल था, एक युवा व्यापारी ने घोषणा की कि ‘वह’ एक संदेश के संवाहक हैं जो मानवजाति के जीवन को रूपांतरित कर देने के लिये नियत है। एक ऐसे समय में, जब ‘उनका’ देश, व्यापक नैतिक अधोपतन से गुजर रहा था, ‘उनके’ संदेश ने सभी वर्गों में उत्तेजना और आशा की लहर का संचार कर दिया, जिसने शीघ्रता से हज़ारों की संख्या में अनुयायियों को आकर्षित किया । ‘उन्होंने’ अपना नाम ‘बाब’ धारण किया, जिसका अर्थ अरबी भाषा में ‘द्वार’ होता है।

 

आध्यात्मिक और नैतिक सुधार का उनका आह्वान और स्त्रियों के स्थान को उन्नत करने, गरीबों की हालत सुधारने तथा आध्यात्मिक नवजीवन के लिए बाब का नुस्ख़ा क्रांतिकारी सिद्ध हुआ। साथ ही, उन्होंने ‘अपना’ स्वयं का एक विशिष्ट स्वतंत्र धर्म संस्थापित किया, जिसने उनके अनुयायियों को अपना जीवन रूपांतरित करने और शूरवीरता के महान कार्यों को करने के लिये प्रेरित किया।

 

महात्मा बाब को बहाई धर्म के अनुयायी इस कलियुग के अवतार बहाउल्लाह का अद्ग्रदूत मानते हैं जिन्होंने कलयुग की समाप्ति और सतयुग के द्वार को खोला था |

 

 

महात्मा बाब की समाधि इस्राइल में हैफा शहर में स्थित है |

 

बाब ने घोषणा की कि मानवजाति एक नये युग की दहलीज़ पर खड़ी है। ‘उनका’ मिशन, जो केवल छः सालों के लिये था, ईश्वर के उस अवतार के आगमन के लिये मार्ग तैयार करना था, जो दुनिया के सभी धर्मों में दिये गये वचन के अनुसार शांति और न्याय के युग को उद्घाटित करेंगे: बहाउल्लाह।

 

अधिक जानकारी के लिए www.bahai.org विजिट करें |

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