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आज हमारे तिरंगे का जन्मदिन है ….जानिए हमारे तिरंगे के १० फैक्ट्स जो हर भारतीय को पता होने चाहिए …

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विजयी विश्व तिरंगा प्यारा 
स्थापना / जन्म दिवस विशेष 
 
 आज हमारे तिरंगे का जन्मदिन है ….

भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी।

इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७ को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया गया था।इस मौके पर हम ख़ास आपके लिए लाए हैं राष्ट्रीय ध्वज के बारे में 10 ऐसे तथ्य जो हर भारतीय को ज़रूर जानना चाहिए.

 

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#1.
भारत का ध्वज जिसे हम वर्तमान में देख रहे हैं, उसे भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को चुना था, और इस तरह यह भारत का आधिकारिक ध्वज बन गया.

#2.
भारतीय ध्वज को पिंगली वैंकैया ने डिजाइन किया था, जो एक किसान व स्वतंत्रता सेनानी थे.

#3.
कानूनन भारत के ध्वज को खादी से बनाने के आदेश हैं, खादी जो किसी जमाने में सादगी और संघर्ष का प्रतीक थी. खादी को जनप्रिय और जनसुलभ बनाने में महात्मा गांधी की अहम भूमिका थी.

#4.
राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण का कार्य खादी विकास एवं ग्रामोद्योग आयोग को सौंपा गया है, जो इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय समुदायों को सौंप देती है.

#5.
भारत के राष्ट्रीय ध्वज को “तिरंगा” नाम से भी सम्बोधित करते हैं. इस नाम के पीछे की वजह इसमें इस्तेमाल होने वाले तीन रंग हैं, केसरिया, सफ़ेद और हरा.

#6.
इन तीनों रंगों के तात्पर्य और मतलब भी अलग-अलग हैं.
1. केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है.
2. सफ़ेद या श्वेत रंग सच्चाई, शांति और पवित्रता का प्रतीक है.
3. हरा रंग सन्पन्नता का प्रतीक है.

#7.
अशोक चक्र विधि एवं धर्म का द्योदक है. (नेकी)

#8.
भारत के ध्वज कोड के अनुसार भारतीय ध्वज दो अनुपाते तीन में होता है, जहां ध्वज की लम्बाई, चौड़ाई का डेढ़ गुना होती है. साथ ही ध्वज के तीनों रंग- केसरिया, सफ़ेद और हरा को भी लंबाई-चौड़ाई के मामले में समानुपाती होना चाहिए.

 
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#9.
अशोक चक्र के माप को ध्वज कोड में निर्धारित नहीं किया गया है, मगर अशोक चक्र में 24 तिल्लियों का होना आवश्यक है, जो नियत लम्बाई और माप के होते हैं. अशोक चक्र का रंग हमेशा नीले रंग का होता हैं, जिसे ध्वज के सफ़ेद हिस्से के बीचोबीच लगाया जाता है.

#10. 
राष्ट्रीय ध्वज में इस्तेमाल होने वाला अशोक चक्र सम्राट अशोक के सिंह स्तम्भ से लिया गया है. भारत के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अनुसार अशोक चक्र धर्म और विधि का प्रतीक है.

इस स्वतंत्रता दिवस पर हम अपने राष्ट्रीय ध्वज को सलाम करते हैं, जिसके सम्मान में न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जानें न्यौछावर कर दीं. और आज जब हम आज़ाद हैं तो हमारा भी कर्तव्य बनता है कि उन जाबांज़ों के बलिदान का बदला कुछ इस तरह चुकाएं कि, यदि वे हमें कहीं से देख सकते हों तो हमें देख कर गर्व महसूस करें. और राष्ट्रीय ध्वज को सिर्फ़ एक दिन नहीं बल्कि रोज़ ही उसे अपने दिलो-दिमाग में रख के काम करें.
जल्द ही आने वाले स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएं… जय हिन्द!

 

Article Credits : Vishnu Narayan | Gajabpost

वामन हरी पेठे, इंदौर

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