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प्रकृति के रंगों से खेलिए होली….जानिए कैसे बना सकते हैं नेचुरल कलर्स इस होली पे ….

सनावादिया | 22 फरवरी, 2018| Jimmy McGilligan Center for Sustainable Development, Indore 

                             

जिम्मी मगिलिगन सेंटर पर होली के प्राकृतिक रंगों के निर्माण का प्रशिक्षण  

 

आज  जनक दीदी ने हमारे प्राकृतिक वातावरण में मिलाने वाले पेड़, पौधों , सब्जियों जैसे पोई , टेसू, अम्बाड़ी, गुलाब की पत्तियों , संतरे के छिलकों के साथ रंगों को बनाने का प्रशिक्षण जिम्मी मगिलिगन सेंटर पर आये स्कूली बच्चों , गाँव के नागरिकों, शहर से आये युवा मित्रों को दिया |

 

ये रंग इतने सुकून भरे और सकारात्मक छवि लिए थे कि मान लो जीवन के सभी कालिख और रंगहीनता को बड़ी ही मासूमियत से रंगीन कर देंगे |

ये रंग सिर्फ प्राकृतिक ही नहीं , सौम्य हैं , मधुर हैं , स्वास्थयप्रद हैं , दैवीय हैं और सच्चे हैं …

 

 

जहाँ टेसू सबसे आगे और रंगीन माहौल बना रहा था वहीँ पोई के चटक बैंगनी रंग ने सबको पीछे छोड़ दिया …शर्माता पारिजात हलके नारंगी रंग को लिए था तो गुलाब की पत्तियों ने गुलाबी रंग से महका दिया …. अम्बाड़ी का सुर्ख लाल किसी ख़ास को लगाने के लिए था और संतरों का बना पीला बड़ों को समर्पित था…

 

वाह क्या रंग और क्या महक और क्या उसके प्रभाव ….पर्यावरण के साथ संस्कृति को भी बचाने के इस मुहीम ने वाकई में कमाल किया और लोगों को प्रेरित भी …सूखे और गीले सभी रंग आज यहाँ मौज़ूद थे | 

 

 

गरिमा मिश्र, निकी सुरेका , जयंत श्रीवास्तव, नंदा चौहान , राजेंद्र जी और समीर शर्मा के साथ बहुत सारे स्कूली छात्रों के इस प्रशिक्षण में भाग लिया |

 

ज्ञात हो कि जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेंटर पर एक  सप्ताह का (23-28 फरवरी) होली के लिए प्राकृतिक रंगों के निर्माण प्रशिक्षण 23 फरवरी को सुबह 10 बजे से  -1बजे गांव सनावादिया मल्हार कोल्ड स्टोरेज के पीछे प्रतिदिन दिया जायेगा |

 

सेंटर डॉ  श्रीमति जनक पलटा मगिलिगन  पिछले 6 सालों से निशुल्क  प्रशिक्षण दे रही  हैं। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल सुरक्षित और स्वस्थ होली खेलना सीखना है। सभी उम्र के लोगों के लिए प्रशिक्षण खुले हैं। लोग व्यक्तिगत उपयोग के साथ-साथ आजीविका के लिए भी सीख सकते हैं। वह रंग बनाने के लिए सौर कुकर का उपयोग करती है।

 

 

समाज के विभिन्न वर्गों के विभिन्न आयु वर्ग के लोग ईमेल पर स्वीकृति लेने नियुक्ति के बाद आ सकते हैं .

Email : janakjimmy@gmail .com

प्रशिक्षण निशुल्क है वह विशेष रूप से पोई व पलाश के रंग बनाने में ट्रेनिंग देंगी |

 

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About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

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