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मेडिकल कॉलेज इंदौर के छात्र रवि सोनी ने किया देश का नाम रोशन : अमेरिका में अन्तराष्ट्रीय कांटेस्ट में दूसरा स्थान पाया ..

ओह इंदौर | Indori of the Day

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रवि सोनी : युवाओं के लिए एक प्रेरणा 

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“विपरित परस्थितियां क्यों न हो, यदि हिम्मत हो, तो व्यक्ति जो चाहता है वह पा सकता है”

ऐसा ही कुछ  कर दिखाया है एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष  के छात्र रवि सोनी ने। हिन्दी मीडियम में स्कूली पढ़ाई करने के बाद भी उन्होंने इंडो-अमेरिकन मेडिकल स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम 17 में कामयबी हासिल की और अब वह फाइनल क्विज के लिए वाशिंगटन गए और मात्र एक अंक से दुसरे स्थान पर रहे |  

मूल रूप से आलमपुरा, भिंड के रहने वाले रवि ने बचपन से लेकर अब तक जो संघर्ष किया है, वह किसी फिल्मी कहानी सा लगता है। गरीबी के कारण मां को पिता ने छोड़ा। मां ने संघर्ष कर उन्हें न केवल पढ़ाया, बल्कि डॉक्टर बनने के सपने तक उन्हें पहुंचा दिया।

सबसे शानदार  परफोर्मेंस, रवि का रहा …

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र रवि सोनी ने पहले राष्ट्रीय और फिर अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। मेडिकल स्टूडेंट के लिए वॉशिंगटन आयोजित प्रतियोगिता में फायनल में जगह बनाई, हालांकि बहुत कम अंतर से वह प्रतियोगिता जीतने से रह गए। रवि इस प्रतियोगिता में प्रदेश से एक मात्र स्टूडेंट रहे।

रवि ने बताया, ब्रिक्स देशों के लिए इंडो अमेरिकन मेडिकल स्टूडेंट एक्सचेंज एग्जाम के लिए 28 दिन तक ऑनलाइन स्पर्धा में भाग लेने के बाद 200 स्टूडेंट का चयन हुआ। भारत से 25 स्टूडेंट चुने गए, सेकेंड राउंड में चुने गए 9 स्टूडेंट्स को वॉशिंगटन बुलाया। स्पर्धा में 6 विषयों में क्लीनिकल, नॉन क्लीनिकल और एक्स्पेरिमेंटल समस्याओं पर सवाल पूछे। रवि ने 23 विदेशी स्टूडेंट को पछाड़ते हुए 112.26 अंक हासिल कर दूसरे नंबर पर रहे। रशिया की एंद्रिना 114 अंक के साथ पहले नंबर पर रहीं।

एक प्रेरणा है रवि का संघर्षपूर्ण जीवन :

रवि सोनी भिंड के आलमपुर कस्बे का रहने वाला है। पीएमटी में 529 अंक लाने के बाद उसे एमजीएम में दाखिला मिला है। परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था, इसलिए रवि ने नेशनल लेवल की ओलम्पियाड में हिस्सा लिया और पांच लाख रुपए की स्कॉलरशिप जीती। इसी राशि की एफडी से रवि की पढ़ाई के साथ घर का खर्च चलता है। रवि ने बताया, पिता 6 साल पहले परिवार को छोड़ चुके हैं। चार बहनों की शादी हो चुकी है। मां के साथ घर पर छोटी एक बहन और दो भाई हैं। स्कूल की पढ़ाई के साथ वह घर पर गहनों की कारीगरी में मां का हाथ बटाता था। रवि अपना खाना भी खुद ही बनाता है।

अब बनेगें दूसरों के लिए मिसाल 

एमजीएम मेडिकल कॉलेज का प्रथम वर्ष का छात्र विद्यार्थियों के लिए मिसाल बनेगा। मेडिकल स्टूडेंट इंडो-अमेरिकन एक्सचेंज प्रोग्राम में सबसे बेहतर प्रदर्शन कर लौटे छात्र को कॉलेज प्रशासन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाला छात्र विद्यार्थियों को सफलता के सूत्र बताएगा।

मेडिकल कॉलेज का प्रथम वर्ष का विद्यार्थी रवि सोनी वाशिंगटन में विश्व की सबसे बड़ी मानी जाने वाली मेडिकल परीक्षा में महज एक पाइंट से विजेता बनने से रह गया था। भारत से गए 6 विद्यार्थियों में रवि का प्रदर्शन सबसे श्रेष्ठ रहा। वाशिंगटन पोस्ट समाचार पत्र ने सबसे बेहतर प्रदर्शन रवि का बताया। शनिवार को छात्र कॉलेज लौटा। स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मनोहर भंडारी ने बताया कि रवि को एम्स दिल्ली और जबलपुर यूनिवर्सिटी भी सम्मानित करने जा रही है।

बधाई हो रवि , हम सभी को आप पर गर्व है |

समीर शर्मा 

वामन हरी पेठे, इंदौर

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Founder and Editor, www.ohindore.com

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