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“शीतल” की कुल्फी, फालूदा , बर्फ का गोला – इंदौर की ठंडी मिठास और शान

समीर शर्मा | इंदौर

शीतल कुल्फी और गज़क

An forgettable taste of Indore …

 

“यार मुन्ना तेरी कुल्फी खाते ही शीतलता का अहसास होता है” श्री पुरुषोत्तम सैनी जी के मित्र के मुँह से निकले इस कथन से ही पड़ा इस ब्रांड का नं “शीतल कुल्फी और गज़क”

 

इंदौर की गर्मी और शीतल कुल्फी की बात ना हो ये संभव नहीं |

 

शीतल कुल्फी गर्मियों में इन्दोरियों का शौक और परम्परा दोनों बन गई गई है | १९३१  से शुरू हुई इस ब्रांड की कहानी आज आपके सामने है, इस पीढ़ी के युवा संचालक शनिराज सैनी “सनी” अपनी कुल्फी से भी मीठी बोली के धनी और हंसमुख की ज़बानी ….

 

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“सनी” – संचालक शीतल कुल्फी, इनके व्यवहार से इस व्यवसाय को मिली नई ऊँचाईयाँ

 

शुरुआत :

बात १९३१ से शुरू होती है , इनके दादा स्व. श्री सीताराम जी सैनी के ठेले पर कुल्फी बेचने से , वे राजस्थान से १४ वर्ष की उम्र में यहाँ आये और कुल्फी बनाने लगे और छावनी में राज टाकिज के सामने ठेले पर कुल्फी का व्यवसाय शुरू किया | ठण्ड में मूगफली भी बेचीं पर उसे २ साल बाद से ही गज़क बनाना शुरू की | गुड शक्कर और मावे की गज़क की शुरुआत इंदौर में इन्होने की |

दूसरी पीढी 

जब दूसरी पीढ़ी आई , श्री पुरुषोत्तम सैनी जी की तो उन्होंने ठेले पर इसे बेचने को मना किया तो पिता ने छावनी में “टाटाजी” का ओटला किराए पर लिया उर बैठकर कुल्फी बेचने की शुरुआत हुयी, और अब इस पीढ़ी जिसमे सनी और रणजीत सैनी हैं, ने छावनी और एम जी रोड (हाईकोर्ट के सामने ) की दूकान ली और ग्राहकों को बैठाकर कुल्फी, गज़क, रबडी, फलूदा और बर्फ के गोले भी पेश कर रहे हैं और इंदौर ने भी उन्हें उतना ही प्यार दिया है | 

 

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आज शीतल कुल्फी (Sheetal Kulfi )इंदौर ही नहीं पूरे देश में जाना जाता है , इनकी कुल्फी के केसर पिस्ता, मंगो , सीताफल, काजू देवड़ा, अंजीर-बादाम, मलाई, लीची, रोस्टेड आलमंड और सबसे अलग शुगर फ्री केसर पिस्ता कुल्फी की धूम देश-विदेश, नेता , फिल्म स्टार्स तक है | 

 

“१२ घंटे तक ना पिघलने वाली कुल्फी की स्पेशल पैकिंग की शुरुआत कर “सनी” ने कुल्फी की पहुँच दुबई तक कर दी  है| अब फ्लाईट से यह कुल्फी सारे देश में पहुँच रही है |”

 

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इंदौर की १ नंबर कुल्फी

 

डब्बा , डंडी और दोना कुल्फी के अलग अलग रूप शीतल कुल्फी पर उपलब्द्ध हैं |

 

और अब फालूदा भी , स्पेशल रबड़ी, आईसक्रीम से बना फालूदा बहुत फेमस हो गया है , बच्चे और बड़े क्या , सभी इसके फैन हैं ..

 

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Special Faluda – Sheetal Kulfi

ऐसे बनता है, फालूदा …

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रबड़ी फालूदा ज़रूर खाएं  ..

 

बर्फ का गोला –

 

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रंगीन फ्लेवर्स

 

शीतल कुल्फी पर आर ओ वाटर से बना बर्फ का गोला उत्तम क्वालिटी का है |

सनी बताते हैं की मैं अपने बच्चो को भी यही पर बर्फ का गोला खिलाता हूँ क्यूंकि बच्चो के स्वास्थय से कोई खिलवाड़ नहीं और मेरी क्वालिटी पर मुझे भरोसा है की मैं इसे मेरे सामने आर ओ वाटर से बनवाता हूँ |

 

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बचपन और बर्फ का गोला , कुछ याद आये तो जाओ शीतल कुल्फी पे, आज ही …

शीतल कुल्फी पर जो कुल्फी, गज़क, राबडी, आमपाक, दूधपाक उच्च क्वालिटी के मिलते हैं उसकी वजह भी इनका “रॉ-मटिरियल” सिलेक्शन हैं |

सनी बताते हैं कि पिताजी ने अपने वेंडर्स सिलेक्ट किये थे वो ही तब से आज तक हमें उच्च क्वालिटी का माल सप्लाई कर रहें हैं , हम और वो इसीलिए यह स्वाद बरकरार रख पाए हैं | काश्मीर से केसर हर वर्ष का कोटा देने वहां के वेंडर आते है अपनी तीसरी पीढ़ी के | फिर चाहे दूध हो, मावा, फल , गुड सब पर यह बात लागो होती है |

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शीतल कुल्फी – टीम

शीतल कुल्फी का स्टाफ भी बेहद  विनम्र और मेहनती है |

 

कड़क नोट भी हैं पहचान :

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मजेदार वाकिया यह है कि एक बार एक ग्राहक का फोन आया कि  “भैया जब मेरे लड़के ने मुझे बाकि बचे पैसे दिए तो नोट देखकर ही मैंने बता दिया की वह शीतल कुल्फी से कुल्फी नहीं लाया है , अभी मैंने थैली से डब्बा भी नही निकाला था, क्यूंकि ये नोट नरम और पुराने हैं ” , जी हाँ ,  शीतल कुल्फी की एक और पहचान है यहाँ से मिलने वाले कड़क नोट और नए सिक्के जो की बाकी बचे पैसे  के रूप में मिलते हैं |

 

प्रभु कृपा ही सफलता का आधार :

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शीतल कुल्फी परिवार कृष्ण-भक्त हैं, और पूरी सफलता का श्रेय भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा को देते हैं , सांवरिया सेठ के भक्त सनी अपनी दूकान से किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति या गरीब को मिठाई और पैसे दिए बगैर जाने नहीं देते | 

 

तो अब क्यूँ ना जाये कोई शीतल कुल्फी …

 

समीर शर्मा 

ओहइंदौर.कॉम | 9755012734 | ohindore@gmail.com 

 

समीर शर्मा | इंदौर शीतल कुल्फी और गज़क An forgettable taste of Indore ...   "यार मुन्ना तेरी कुल्फी खाते ही शीतलता का अहसास होता है" श्री पुरुषोत्तम सैनी जी के मित्र के मुँह से निकले इस कथन से ही पड़ा इस ब्रांड का नं "शीतल कुल्फी और गज़क"   इंदौर की गर्मी और शीतल कुल्फी की बात ना हो ये संभव नहीं |   शीतल कुल्फी गर्मियों में इन्दोरियों का शौक और परम्परा दोनों बन गई गई है | १९३१  से शुरू हुई इस ब्रांड की कहानी आज आपके सामने है, इस पीढ़ी के युवा संचालक शनिराज सैनी "सनी" अपनी…

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वामन हरी पेठे, इंदौर

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Founder and Editor, www.ohindore.com

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