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इंदौर में हुई सोलर चाय पार्टी और सीखा ऊर्जा संरक्षण …

#उर्जासंरक्षण

ऊर्जा संरक्षण के लिए इसके अक्षय स्त्रोतों का वैकल्पिक नही

प्राथमिक स्त्रोत के रूप में उपयोग करना होगा …..

आज राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर युवाओं, ग्रामवासियों, शहर के नागरिकों , विद्यार्थियों के साथ जिम्मी मगिलीगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवेलपमेंट , सनवादिया पर  “सोलर चाय” पर बुलाकर  “सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के लिए ऊर्जा संरक्षण अनिवार्य है ” विषय पर एक सामूहिक चर्चा हुई। 

 


इसकी शुरुआत श्रीमती नंदा चौहान द्वारा सोलर कुकर पर बनी चाय, ओर्गानिक चाय-नाश्ते और सोलर ड्रायड  केले, सेबफल  से बने ड्रायफ्रूट्स  के साथ हुई जिसकी ऊर्जा और स्वाद से सभी उत्साहित हुए | डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने सभी का स्वागत करते हुए चर्चा की शुरुआत प्रार्थनाओं के साथ की | 

 


जनक पलटा मगिलिगन ने कहा कि ऊर्जा का उद्गम स्थल हमारी आत्मा है , जब ऊर्जा संरक्षण की बात अपनी आध्यात्मिक जिम्मेदारी समझकर निभाई जाएगी तो पूरी सृष्टि का आध्यात्मिक, सामाजिक, मानसिक और पर्यावरण का विकास होगा |

भारत का सदियों से विश्वास है कि “विश्व का कल्याण हो , प्राणियों में सद्भावना हो” इससे भटक हम स्वयं तथा पञ्च तत्वों के विनाश की राह पर चल पड़े हैं और आज प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों के शिकार हो गए हैं | लेकिन अभी भी सर्वनाश से बचने और सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के लिए अनिवार्य है कि हम ऊर्जा का संरक्षण करें और के लिए इसके अक्षय स्त्रोतों का वैकल्पिक नही प्राथमिक स्त्रोत के रूप में उपयोग करना होगा | 

 

 

उन्होंने अपने यहां ऊर्जा संरक्षण का प्रत्यक्ष उदाहरण उदाहरण दिया जहां वे अपने गैस सिलेंडर को ढाई साल तक चला लेती हैं और सोलर कुकिंग , सोलर ऊर्जा उत्पादन , विंड एनर्जी उत्पादन आदि से वे ऊर्जा संरक्षण कर रही हैं व पिछले ६ साल से ६०००० से ज्यादा लोगो को प्रशिक्षित कर चुकी हैं  | 

 

एक गाँव की आदिवासी महिला श्रीमती निहजू रावत ५ जून को २०१७ को एक सोलर कुकर इंटरनेशनल सोलर कुकिंग फाउंडेशन द्वारा दिया गया था , उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते  हुए बताया कि इस सोलर कुकर के इस्तेमाल से उनकी ज़िन्दगी ही बदल गई है और अब धुंए रहित रसोई तथा बिना खर्चे से उनके जीवन में कई सारी छोटी-छोटी खुशियाँ आ गई है जो उन्होंने कभी सोची नहीं थी | 

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इस अवसर पर सभी ने ऊर्जा के सरंक्षण पर अपने अपने फील्ड में किये जाने वाले प्रयासों को बांटा। 

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खेती कर रहे युवा गौतम कासलीवाल ने बताया कि हमे ऊर्जा संरक्षण को अपने व्यक्तिगत फायदे से जोड़कर देखना होगा तभी उसको बचाने का महत्व समझ आएगा ।  मैकेनिकल इंजीनियर वरुण रहेजा ने सोलर ड्रायर के माध्यम से ऊर्जा बचाने के तरीके बताए । 

 


मेटल आर्टिस्ट देवल वर्मा ने बतया कि अक्षय ऊर्जा के उपकरणों का उत्पादन और उनका प्रचार पसार कर इसके बारे में राय बनाने और लोगो को इसके फायदे बताने पर ज़ोर दिया । 

श्रीमती नंदा चौहान जिन्होंने चाय सोलर कुकर पर बनाई थी उन्होंने बताया कि किस तरह गांव में महिलाओं के लिए यह अक्षय ऊर्जा बहुत सारे फायदों के स्त्रोत बनी है और इसने महिला सशक्तिकरण का कार्य किया । 

अब गांव में महिलाओं को जंगल मे लकड़ी बीनने सुबह 4 बजे नही जाना पड़ता , वे घर के कार्य कर पाती हैं और सुरक्षित भी महसूस करती हैं। धुंए से मुक्ति भी इन्ही अक्षय ऊर्जा के स्रोतों से मिली है ।


आईटी विशेषज्ञ और सोशल मीडिया के जानकार श्री समीर शर्मा ने आईटी में ऊर्जा बचने के तरीकों के साथ व्यक्तिगत पहल और सोशल  मीडिया से लोगों को जागरूक करने की बात की और बताया कि  ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा बचत दोनों अलग अलग हैं , हम शहरियों को अभी तक बचत भी ठीक से नहीं आई है , हमें सोलर , विंड जैसे अक्षय स्त्रोतों को हमारे घरों, संस्थानों और व्यावसायिक उपयोग में लाना ही होगा और फोसिल फ्यूल को वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल करना होगा । 

 


टेरी यूनिवर्सिटी से आई प्रकृति और पंखुड़ी दो इंटर्न छात्राओ ने कहा कि यहां पर ऊर्जा के उपयोग, संरक्षण के तरीकों ने उनकी आंखें खोल दी , वे दिल्ली से आई हैं और यहां की साफ हवा ने उन्हें नया जीवन दे दिया है औऱ किताबों से निकलकर वास्तविक जीवन मे ऊर्जा की महत्ता समझ आ रही है । 

 


इंटीरियर डिजाइनर वैभव जोशी ने कहा कि इन सभी विभिन्न पृष्टभूमि के लोगो को जोड़ना एक बड़ा कार्य है और यह इवेंट हमेशा  होते रहने चाहिए | साथ ही उन्होंने युवा पीढ़ी को इस और जोड़ने पर बल दिया |

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इन सबमे सबसे महत्वपूर्ण एक चाय की दुकान चलाने वाले लोकेश प्रजापत थे, उन्हें सोलर चाय इतनी भा गई कि उन्होंने सोलर टी स्टॉल लगाने का निश्चय किया और सभी से कहा कि इसे लगाने में उनकी मदद करें।  जनक पलटा मगिलिगन ने इनके लिए पूरी मार्गदर्शन देंने का वायदा किया । 

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

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