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पोहा – इंदौर की शान और पहचान

इंदौर में पोहा हमारी आदत है, हमारा धर्मं है , हमारी संस्कृति है

एअरपोर्ट या स्टेशन से आते हुए रास्ते में पोहे के इतने सारे ठेले, दुकाने और ठिये  आते हैं कि इक सच्चा इन्दोरी १ प्लेट पोहा तो खा कर ही घर में घुसता है | पोहा , पोहे , पोया , पोये , पौआ न जाने कितने नाम इसके …

दुनिया में दिन की शुरुआत योगा, सूर्यनमस्कार , जॉगिंग से होती होगी…..पर इंदौर में पोहे से ही होती है | हमारे पिंटू भिया सालों से रोज़ नेहरु पार्क जाते हैं पर आते हुए ५६ दूकान या शर्माजी के पोहे-जलेबी खाते हुए ही आते हैं और नतीज़ा है की वज़न वैसा का वैसा ही है |

इंदौर में पोहा भाप पर पकाया जाता है जिस वजह से ये मुलायम और स्वादिष्ट होता है , हल्का और हर वर्ग का स्वादिष्ट  नाश्ता है इन्दोरी स्टाईल में बना पोहा ….आज भी १० रु  मे मिल जाता है पोहा …

पोहे में बारीक सेंव, मोटी सेंव, कतरे हुए प्याज़ और जीरावण , बस और कया चाहिए इस नश्वर संसार में एक इन्दोरी को ….आज बात करेंगे ५ फेमस पोहे के ठीयों की …..जिन्होंने इंदौर को पोहा खिलाना सिखाया और पहचान दी  विश्व के मानचित्र में पोहे की राजधानी बनाने में ….

प्रशांत के पोहे :

प्रशांत रेस्टोरेंट (राजवाडा, जेलरोड, सुयश हॉस्पिटल के पास और एल आई जी चौराहा ) के अन्ना के पोहे :

कहा जाता है कि इंदौर में सबसे पहले पोहे की दूकान इन्होने लगाई , हरी मिर्च में बने और सबसे अच्छे और स्वाद के पोहे बारीक सेंव और आलू के साथ यहाँ मिलते हैं | नीम्बू और जीरावण के साथ उपलब्ध अन्ना के पोहे किसी विदेशी को भी खिला दे तो कोई हर्ज़ नहीं क्यूंकि स्वाद  बहुत ही कम मसालों का है पर अद्भुत है | यहाँ भाजी और उसल भी है |

स्वाद एक नंबर , समय : सुबह ७ बजे से रात्री ८ बजे तक

 

छप्पन दूकान के पोहे :

छप्पन दूकान इंदौर की पहचान और ५६ पे शर्माजी / गुप्ताजी के पोहे , एक छोटी सी दूकान जिसपे गंजे गुप्ताजी की दूकान गोपाल डेरी के पास पहली वाली , इनके बने पोहों ने ५६ पर पोहा ट्रेंड शुरू किया |

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भाप पे पकते पोहे , सेंव/मिक्चर/ बूंदी डालकर और जीरावन नीम्बू के साथ ५६ दूकान के हलके से मीठे स्वाद वाले पोहे यूथ्स में और परिवारों में फेमस हैं | अन्दाज़ा लगाया जा सकता है की सुबह सुबह ही कारों, टू-व्हीलर्स  की कतारें चप्पन पर क्यूँ आती हैं | जे एम् बी, मधुरम और कई अन्य भी यहाँ पोहा बनाते हैं पर गुप्ताजी वाली बात किसी में नहीं |

स्वाद एक नंबर, ज़बरदस्त , समय : सुबह ७ बजे से ११ बजे तक , जे एम् बी की जलेबी के साथ मज़ा डबल है इधर …

 

अनंतानंद उपहार गृह

जेल रोड स्थित अनंतानद उपहार गृह के उसल पोहे , सबसे पहली बात आपके पास जिगर हो तो ये उसल पोहे खाना ……नहीं, तो सादे ही लेना भिया  |

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ये फेमस है अपने उसल पोहे के लिए , कमज़ोर पेट वाले, विदेशी , बच्चों को न खिलाएं | झन्नाट मिर्च वाली उसल के साथ और गज़ब प्याज की चटनी में भीगे पोहे और उस पर एक्स्ट्रा तरी , यहाँ के अनुभव को दिव्या उर किसी को दिन में भिन्नाटी दिला देने के लिए काफी है | युवा और मर्द लोग यहाँ पोहे खाने ज़रूर आते हैं |

स्वाद : झन्नाट , तीखा , तिरिभिन्नाट , दुसरे दिन नहीं शाम को ही सारे द्वार खोल देने वाला , स्वाद बेमिसाल, सुबह से रात तक उपलबध

 

 

रवि अल्पाहार

आनंद बाज़ार और जेलरोड स्तिथ रवि अल्पाहार के पोहे स्वादिष्ट और बहुत ही अच्छे स्वाद वाले हैं | पूरे परिवार के लिए रविवार को लोग यहाँ से दर्जनों पुडियाएं बनवाते और खाते हैं | प्याज के साथ सेंव और मसाला रवि के पोहों को जानदार बना देता है |

 

गुरु के पोहे

खजूरी बाजार के पीछे स्थित गुरु के पोहे की दूकान , काली मिर्च के बघार में बने दिव्य पोहे सुबह १० बजे तक ख़त्म हो जाते हैं | एक अनूठा स्वाद जो ज़रूर चखना चाहिये |

इनके अलावा  अपना स्वीट्स , मेजर सा. के पोहे , बेणेश्वर होटल, शर्माजी हाईकोर्ट , मथुरावाला गुजरात स्वीट्स , खंडेलवाल के पोहे भी बहुत अच्छे और शानदार हैं |

तो भिया …..इन्दोरी लोग खूब खाओ पोहे और यदि आप बाहर से आये हैं तो ज़रूर चखे इन जायकों को ..

 

ohindore@gmail.com

 

 

 

 

 

वामन हरी पेठे, इंदौर

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com

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