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अभी – अभी – आज के हालात पर प्रदीप शर्मा जी का एक नोट …

 

अभी- अभी 

 

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परिस्थितियां इंसान को कमज़ोर बना देती हैं और परिस्थितियां ही उसे महान भी बना देती हैं । खराब हाव्लात में भी इंसान को लड़ते देखा गया है और अच्छे हालात में भी समर्पण करते देखा गया है ।

सन् 47 के पहले सभी गुलाम पैदा हुए और 47 के बाद सभी आज़ाद । उनके हाथ में कुछ नहीं था । हम पैदा आज़ाद हुए अपने नसीब से,हमारे पुरखे गुलाम ही पैदा हुए,गुलाम ही मर गए । क्या वे कायर थे । वे बहादुर थे पर परिस्थितियां कमज़ोर थीं ।।

जो 47 में पैदा नहीं हुए,वे आज इतिहास खोद रहे हैं । अगर 47 के पहले पैदा होते तो भी क्या खोद लेते । आज तक  हुआ ग़लत हुआ,कहने वाले सही कैसे हो सकते हैं ।

भगवान् राम रावण को पैदा होने से नहीं रोक सके,पर रावण ने संसार को एक पुरुषोत्तम दे ही दिया ।कंस के अत्याचार ने कृष्ण पैदा कर दिया दुर्योधन ने महाभारत कर दी और अर्जुन ने युद्ध में हथियार डाल कृष्ण को गीता का ज्ञान देने पर विवश कर दिया ।

मुग़ल सम्राटों की ग़ुलामी में भक्तों ने अपनी अलख जलाई । कबीर,तुलसी, जायसी,मीरा,सूरदास सभी ग़ुलाम थे, पर ईश्वर के,मुग़लों के नहीं । सीकरी से उन्हें क्या काम । विवेकानंद,रामकृष्ण-परमहंस,अरविन्द सभी ने अंग्रेजों की ग़ुलामी में सांस ली पर अपना आत्म-सम्मान नहीं खोया । खुद जागे,दुनिया को जगाया । खुद प्रकाशित हुए,जग को प्रकाशित किया ।।

देश को किसने आज़ाद कराया और किसने फ़िर ग़ुलाम बनाया,आज यही बहस का मुद्दा बन गया है ।

कल गाँधी-जयंती उनके आदर्शों के लिए नहीं मनाई जा रही है । उनके हाथ से सफ़ाई की झाड़ू भी हमेशा के लिए छीनी जा रही है । बापू ! आप हमें सिर्फ़ सफ़ाई सिखाकर गए थे, हमने आपकी पूरी कांग्रेस की ही सफ़ाई कर दी ।
टाटा ! गुड बाय । अगले वर्ष समय रहा तो फ़िर मिलेंगे ।

-प्रदीप शर्मा 

 

  अभी- अभी      परिस्थितियां इंसान को कमज़ोर बना देती हैं और परिस्थितियां ही उसे महान भी बना देती हैं । खराब हाव्लात में भी इंसान को लड़ते देखा गया है और अच्छे हालात में भी समर्पण करते देखा गया है । सन् 47 के पहले सभी गुलाम पैदा हुए और 47 के बाद सभी आज़ाद । उनके हाथ में कुछ नहीं था । हम पैदा आज़ाद हुए अपने नसीब से,हमारे पुरखे गुलाम ही पैदा हुए,गुलाम ही मर गए । क्या वे कायर थे । वे बहादुर थे पर परिस्थितियां कमज़ोर थीं ।। जो 47 में पैदा नहीं हुए,वे आज इतिहास खोद रहे हैं । अगर 47 के पहले पैदा होते…

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वामन हरी पेठे, इंदौर

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Founder and Editor, www.ohindore.com

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