Breaking News
Home / Fashion / Accessories / इंदौर की ४० साल पुरानी “वेणी” की दुकान.. फूलों की वेणी यहाँ मिलती हैं इंदौर में

इंदौर की ४० साल पुरानी “वेणी” की दुकान.. फूलों की वेणी यहाँ मिलती हैं इंदौर में

इंदौर | २०/10/२०१६ – शालिनी शर्मा 

 

वेणी :

फूलों के आभूषणों की रानी 

brideveni

यह सुनते ही एक महक और ताजगी भरे फूलों की लड़ी आपके मन में आती है जिसे आमतौर पर हर व्यक्ति खरीद सकता है और प्यार के इज़हार का यह सबसे पुराना तरीका रामायण से वेलेंटाईन डे तक कायम है |

 फिल्मो में ना जाने कितनी बार नायक ने अपनी प्रेयसी को सिर्फ वेणी लगाकर ही मनाया है , खुश किया है या अपने प्रेम का इज़हार किया है | 

 

महिलाओं की वेणी की शोभा और दक्षिण भारतीय  संस्कृति का प्रतीक श्वेत फूलों की वेणी पश्चिमी संस्कृति की आँधी में कहीं खोती जा रही  है।   

पर इन्दोरी इसरार खान और उनके पिता पिछले ४० सालों से शहर के बीचोंबीच 12 महीने हाईकोर्ट चौराहे पर शाम 6 से रात 10 बजे तक रोजाना वेणीयों की ताज़ी खेप लेकर हाज़िर रहते हैं …..

Veniman_ihar_indore

ये बताते हैं कि इंदौर में वेणियों के बहुत ग्राहक हैं कुछ ने  तो सालों से बंदी लगा रखी हैं , कोई पत्नी के लिए , कोई प्रेमिका तो कोई भगवान् के लिए उनसे रोजाना वेणी लेकर जाता है | 

ये वेणीयाँ राजबाड़ा, मालवा मिल , लोकमान्य नगर में भी मिल जाती हैं | 

एक बहुत ही सस्ता फूलों का प्राकृतिक श्रृंगार है वेणी , जब यह किसी महिला की लम्बी चोटी में गूंथी जाए तो उसका आकर्षण किसी अप्सरा से कम नहीं होता ….चाहें तो एक बार ज़रूर ले जाएँ वेणी अपने प्यार के लिए 

Veni

ये बताते हैं की इनके पार ३ ऋतुओं ठंड , गर्मी और वर्षा में तीन अलग अलग फूलों की वेणी मिलती हैं वो भी सिर्फ 10 रु में : 

  • कुंद  (ठण्ड में )
  • जूही ( वर्षा )
  • मोगरा (ग्रीष्म ) 

अभी कुंद का सीज़न है , तो जाइए और अपनी संस्कृति की पहचान वेणी से एक बार अपने प्यार को महका लीजिये , राजनी भवन के सामने , हाईकोर्ट चौराहा इंदौर पे मिलगी महकती हुई वेणियाँ ..

वेणीयां , दुल्हे के सेहरे , जुड़े की वेणी, चोटी की वेणी , छोटे बालों के लिए वेणी ,

भगवान् का वेणी श्रृंगार , सब बनाकर देता है इज़हार ..

Veni1

इस बार ज़रूर पहने और पहनाएं वेणी इस त्यौहार के मौसम में …और हाँ ये चाइनीज़ नही , भारतीय हैं | वेणी सिर्फ एक माला नही , प्रेम और सौंदर्य की अभिव्यक्ति है …

 

–  शालिनी शर्मा 

 

Indore Ka Raja - Ganeshotsav

About Sameer Sharma

Founder and Editor, www.ohindore.com